
पत्रिका का ई पेपर पढ़कर विक्रम मिश्रा ने कतर से भेजी सहायता राशि
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
खाड़ी देश कतर की राजधानी दोहा में रह रहे विक्रम मिश्रा ने राजस्थान पत्रिका की वेबसाइट से ई पेपर पढ़कर जरूरतमंद परिवार को सहायता राशि भेजी है। मिश्रा ने बताया कि वे राजस्थान पत्रिका की वेबसाइट और ई पेपर नियमित पढ़ते हैं। एक दिन पत्रिका में 'किडनी तो मैं दे दूंगी, कोई बेटे को बचा लो....’ शीर्षक से एक खबर पढ़ी। इस खबर के बाद पीड़िता का खाता नंबर लेकर उसके खाते में इक्कीस हजार रुपए की राशि ट्रांसफर की। पत्रिका का ई पेपर पढ़कर वे पहले भी कई बार पीड़ित परिवारों को राशि प्रदान कर चुके हैं।
अब होगा उपचार
खेतड़ी उपखंड के नानूवाली बावड़ी ग्राम पंचायत की ढाणी आमलीवाली निवासी सुमन सैनी के 20 वर्षीय बेटे अनिल सैनी की दोनों किडनी खराब हो गई। सुमन के पति का वर्ष 2003 में निधन हो गया। वह मनरेगा में मजदूरी कर परिवार का लालन पालन कर रही है। सुमन ने बताया कि वह किडनी देने के लिए तैयार है। सरकारी अस्पताल में उसका ऑपरेशन तो निशुल्क हो जाएगा। लेकिन दवा, वहां रहने तथा अन्य खर्चों के लिए रुपए नहीं है। पत्रिका में खबर प्रकाशित होने के बाद उसे करीब सत्तर हजार रुपए की सहायता राशि मिल चुकी। अब वह जयपुर गई है। जहां जांच की प्रक्रिया चल रही है। इसी माह अनिल की किडनी बदलने की संभावना है।
राष्ट्रपति से पुरस्कृत हैं विक्रम
विक्रम मिश्रा पुत्र ओमप्रकाश मिश्रा मूलरूप से बिरमी (बिसाऊ) के पास दिलोई गांव के रहने वाले हैं। प्रारंभिक शिक्षा जेपी जानू स्कूल झुंझुनूं व आदर्श नगर बगड़ के रूंगटा स्कूल में हुई। मोतीलाल कॉलेज से स्नातक व उदयपुर से एमटेक किया। श्रेष्ठ स्काउट के लिए उनको तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ शंकरदयाल शर्मा पुरस्कृत कर चुके। इसके अलावा राजस्थान सरकार उनको सर्वश्रेष्ठ युवा का पुरस्कार दे चुकी। मिश्रा अभी दोहा रहते हैं। वहां वे रेडी मिक्स कंक्रीट की कम्पनी में प्रबंध संचालक हैं।
Updated on:
11 Jun 2022 02:03 pm
Published on:
11 Jun 2022 01:33 pm
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