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डिलीवरी के बाद दो घंटे तक इलाज के लिए तड़पती रही प्रसूता, डॉक्टरों का नहीं पसीजा दिल, मौत

कस्बे की भैरू कॉलोनी में प्रसव के बाद महिला रंजीला की मौत के मामले में संबंधित चिकित्सक को एपीओ कर दिया गया है।

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women died after delivery due to doctor negligence in jhunjhunu

डिलीवरी के बाद दो घंटे तक इलाज के लिए तड़पती रही प्रसूता, डॉक्टरों का नहीं पसीजा दिल, मौत

गुढ़ागौडज़ी.

कस्बे की भैरू कॉलोनी में प्रसव के बाद महिला रंजीला की मौत के मामले में संबंधित चिकित्सक को एपीओ कर दिया गया है। धरना स्थल पर दोपहर नवलगढ़ विधायक डॉ. राजकुमार शर्मा व उदयपुरवाटी विधायक शुभकरण चौधरी भी मौके पर पहुंचे। डॉ. शर्मा ने धरने का नेतृत्व कर रहे पूर्व मंत्री राजेन्द्र सिंह गुढ़ा व मृतका के परिजनों से मांगों की जानकारी ली। इसके बाद कलक्टर को सूचना देकर मौके पर वार्ता के लिए बुलाया। धरना स्थल पर विधायक डॉ. राजकुमार शर्मा की मौजूदगी में कलक्टर दिनेश यादव, एसपी मनीष अग्रवाल, एडीएम मुन्नीराम बगडिया, एएसपी नरेशकुमार मीणा, एसडीएम शिवपाल जाट के साथ धरने पर बैठे प्रधान सविता खरबास, अम्बेडकर विचार मंच के अध्यक्ष मांगीलाल मंगल , किसान नेता विद्याधर गिल, पवन खरबास, मृतका के पति पिन्टु मेघवाल सहित मृतका के परिजनों से वार्ता हुई। वार्ता में प्रसव कराने वाली चिकित्सक डॉ. अनिता भंवरिया को एपीओ करने, मामले की जांच कमेटी का गठन करने, मेडिकल बोर्ड से मृतका का पोस्टमार्टम कराने, मृतका के परिजनों को मुख्यमंत्री सहायता कोष से 50 हजार रुपए की सहायता राशि देने तथा मृतका के नवजात पुत्र के पालन-पोषण के लिए सहायता देने पर सहमति बनी। कलक्टर के निर्देश पर शाम करीब चार बजे प्रसव कराने वाली महिला चिकित्सक के एपीओ के आदेश जारी होने पर परिजनों व ग्रामीणों की सहमति से धरना उठा लिया गया। इसके बाद पुलिस ने पिछले 48 घन्टे से अस्पताल की मोर्चरी में पड़े मृतका के शव का पोस्टमार्टम कराने की कार्रवाई शुरू की। शाम को मेडिकल बोर्ड से मृतका का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया।


यह था मामला
भैरू कालोनी की रंजीलादेवी को गुरुवार को अल सुबह प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था। सुबह 10 बजे प्रसव भी हो गया था। अत्यधिक रक्तस्राव से दोपहर एक बजे उसकी तबीयत बिगड़ गई। इस पर चिकित्सकों उसे बीडीके अस्पताल के लिए रैफर कर दिया। जब वे बीडीके अस्पातल लेकर पहुंचे तो वहां से उसे जयुपर के लिए रैफर कर दिया। लेकिन जयुपर की बीच रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। महिला की मौत के बाद गुरुवार रात्रि में परिजन उसके शव को लेकर अस्पताल में पहुंचे तथा प्रसव में लापरवाही बरतने का आरोप लगाने लगे।
मृतका के परिवार की कमजोर आर्थिक हालत को देखते हुए पूर्व मंत्री राजेन्द्रसिंह गुढ़ा, सविता खरबास व उनके कार्यकर्ताओं की ओर से दो लाख 51 हजार रुपए, डॉ. राजकुमार शर्मा ने एक लाख रुपए , विधायक शुभकरण चौधरी ने दो लाख व कांग्रेस नेता प्रेमप्रकाश सैनी 51 हजार व गुढ़ाबावनी सरपंच दारासिंह, कृषि उपजमंडी के चेयरमैन सुमन खेदड़, ख्यालीराम मेघवाल टोडी ने भी अपनी ओर से 11 -11 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। मृतका के परिजनों को 51 हजार रुपए आर्थिक सहायता अम्बेडकर सोयायटी झुंझुनूं की ओर से भी देने की घोषणा की गई।


बर्फ नही लगाने पर हुई तकरार
धरने पर बैठे परिजनों की मोर्चरी में रखे शव पर बर्फ नही लगाने पर पुलिस व स्थानीय प्रशासन के साथ तकरार हो गई। पूर्व मंत्री राजेन्द्रसिंह गुढ़ा ने आरोप लगाया कि मोर्चरी में दो दिन से पड़े शव के ऊपर पुलिस की ओर से बर्फ नही लगाने से शव खराब होने लगा। दूसरे दिन धरने पर गुढ़ागौडज़ी सरंपच रणवीर गुर्जर, पौंख सरपंच घासीराम, दुर्गाप्रसाद फगेडिया, संजय नेहरा, वीरेन्द्र मेघवाल सिंगनोर, रामावतार नारनौलिया, एडवोकेट श्रवण सैनी, नत्थू खरबास, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष बंशीधर, राजेन्द्र मीणा, हरिराम सीथल, शिवराम सांखला, एडवोकेट मोतीलाल, संजयसिंह गुढ़ा, अजयसिंह गुढ़ा ,रोहिताश मेघवाल आदि शामील हुए।