
झुंझुनूं में वट का पूजन करती महिलाएं।
ज्येष्ठ मास की अमावस्या पर अनेक जगह महिलाओं ने सोमवार को वट सावित्री पूजन किया। पुराने वट वृक्षों की पूजा कर महिलाओं ने पति की दीर्घायु की कामना की। वहीं अनेक जगह मंगलवार को भी पूजन किया जाएगा। सनातन धर्म में कई तीज-त्योहारों पर वृक्षों की पूजा की जाती है, ताकि प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया जा सके। वट सावित्री पूजा भी महिलाओं का ऐसा ही खास पर्व है, जो इस बार मंगलवार को मनाया जाएगा। इस दिन सुहागिन महिलाएं वट वृक्ष की पूजा कर उसे कच्चा सूत (धागा) बांधती हैं और परिक्रमा कर पति की दीर्घायु के लिए प्रार्थना करती हैं। इसके साथ वे व्रत भी रखती हैं। पंडित दिनेश मिश्रा ने बताया कि इस बार ज्येष्ठ मास की उदयकालीन अमावस्या तिथि मंगलवार को सुबह 8:37 बजे तक रहेगी। अनेक जगह सोमवार को भी पूजन किया गया।
बड़ अमावस्या पर पिलानी कस्बे में विशेष आयोजन हुए। मंदिरों एवं घरों में महिलाओं ने बड़ के पेड़ की पूजा अर्चना की तथा मंगल गीत गायन किया। इस मौके महिलाओं ने पूजा अर्चना के बाद पानी के मटके तथा खाने पीने की सामग्री दान की। बड़ अमावस्या के चलते मन्दिरों में बड़ की कथा के आयोजन हुए। कस्बे के लुहारू रोड़ स्थित विश्वकर्मा मन्दिर,नाथनाथनी की बगीची,अलौकीक दर्शन धाम एवं शक्ति मन्दिर में पूजा अर्चना के कार्यक्रम हुए।
Published on:
27 May 2025 12:10 am
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