20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Breking काटली नदी में आएगा यमुना का पानी

यहां वाटर रिजवायर बनाया जाएगा, ताकि यमुना जल को जिले में अधिक बहाव होने पर रिजर्व किया जा सके। अधिकारियों ने बताया कि कई जगह सर्वे कर रहे हैं। खेतड़ी के अजीत सागर बांध व उदयपुरवाटी के निकट कोट बांध की लोकेशन भी देखी जाएगी। जहां िस्थति अनुकूल मिलेगी वहां रिजवायर बनाए जाएंगे।

2 min read
Google source verification
Breking काटली नदी में आएगा यमुना का पानी

काटली नदी में सर्वे करते अ​धिकारी।

Yamuna water will come into Katli river


सब कुछ तय योजना के अनुसार हुआ तो कई सालाें से सूखी शेखावाटी की काटली नदी में भी कलकल सुनाई देगा। यहां यमुना का पानी एकत्रित करने के लिए रिजवायर बनाने की योजना पर कार्य शुरू हो गया है। इसके लिए अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।

जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की टीम ने मंगलवार को राजस्थान के झुंझुनूं जिले में काटली नदी क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर वाटर रिजवायर (जलाशय) बनाने के लिए सर्वे किया । टीम ने काटली नदी के बहाव क्षेत्र में उदयपुरवाटी के भाटीवाड़, नाटास, चिड़ावा तहसील के खुडाना, लांबा गोठड़ा में निरीक्षण व सर्वे किया है। यमुना जल समझौते के तहत शेखावाटी को हरियाणा के ताजे वाला हैड से सिंचाई व पीने के लिए पानी दिया जाएगा।
यहां वाटर रिजवायर बनाया जाएगा, ताकि यमुना जल को जिले में अधिक बहाव होने पर रिजर्व किया जा सके। निरीक्षण के दौरान जल संसाधन विभाग के अति. मुख्य अभियंता अजय त्यागी, अधीक्षण अभियंता दिनेश कुमार अग्रवाल, अधिशाषी अभियंता महेंद्र कुमार बुरडक एवं नत्थमल खेदड़, सहायक अभियंता अभिषेक सैनी मौजूद रहे।

अजीत सागर व कोट बांध को भी जोड़ने के प्रयास
अधिकारियों ने बताया कि कई जगह सर्वे कर रहे हैं। खेतड़ी के अजीत सागर बांध व उदयपुरवाटी के निकट कोट बांध की लोकेशन भी देखी जाएगी। जहां िस्थति अनुकूल मिलेगी वहां रिजवायर बनाए जाएंगे।

पत्रिका कई बार उठा चुका मुद्दा
काटली को फिर से जीवित करने के लिए राजस्थान पत्रिका कई बार अभियान चला चुका। इसके बाद अधिकारियों ने यमुना जल से इसे फिर से जीवित करने की योजना बनाई है। इसके अलावा नदी से नदी को जोड़ने की योजना के तहत भी इसके जीवित करने पर कार्य किया जाएगा। पूर्वी राजस्थान में अनेक नदियों को ईआरसीपी के तहत ऐसे ही जोड़ने व सूख चुके बांधों में चम्बल, कालीसिंध व पार्वती नदी का पानी पहुंचाया जाएगा।
मलसीसर में बने हुए हैं दो रिजवायर
कुम्भाराम लिफ्ट परियोजना का पानी एकत्रित करने के लिए मलसीसर के निकट दो रिजवायर बने हुए हैं। एक छोटा व एक बड़ा है। पानी सबसे पहले दोनों रिजवायर में आता है। इसके निकट ही बड़े-बडे़ फिल्टर प्लांट बने हुए हैं। इसके बाद वहां से झुंझुनूं, खेतड़ी व अन्य जगह पानी पाइल लाइन से पीने के लिए जाता है।
फैक्ट फइल:
17 फरवरी 2024 को यमुना जल को लेकर हरियाणा, राजस्थान और केंद्र सरकार में एमओयू हुआ।

3 जिलों (चूरू, सीकर, झुंझुनूं) को मिलेगा पेयजल
3 से 4 वाटर रिजर्वेयर बनेंगे झुंझुनूं जिले में

70 हजार हैक्टेयर भूमि सिंचित हो सकती है जिले में योजना के दूसरे चरण में

263 किमी लंबाई है ताजेवाला हैडवर्क्स (हथिनीकुंड बैराज) से हांसियावास (राजगढ़), जहां से राजस्थान में जल प्रवेश करता है
19136 करोड़ की संभावित लागत है प्रथम चरण की


बड़ी खबरें

View All

झुंझुनू

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग