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24 हजार विद्यार्थी मित्रों के लिए 27 हजार पद सृजित, साक्षात्कार से होगी ग्राम पंचायतों में भर्ती

गुरुजी (विद्यार्थी मित्र) को अब राज्य सरकार मल्टी टास्क वर्र्किंग (बहुकार्य कार्यकर्ता) के पदों पर भर्ती करने की तैयारी कर रही है।

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Santosh Trivedi

Sep 23, 2016

गुरुजी (विद्यार्थी मित्र) को अब राज्य सरकार मल्टी टास्क वर्र्किंग (बहुकार्य कार्यकर्ता) के पदों पर भर्ती करने की तैयारी कर रही है। राज्य में करीब 24 हजार विद्यार्थी मित्रों को नौकरी देने के लिए 27 हजार पद सृजित किए जा रहे हैं। यह भर्ती ग्राम पंचायत स्तर पर साक्षात्कार के माध्यम से होगी। इनके वेतन से करीब 200 करोड़ रुपए का भार पड़ेगा, लेकिन यह राशि राज्य सरकार नहीं देगी। ग्राम पंचायतों को केन्द्र व राज्य वित्त आयोग से विकास कार्यों के लिए मिलने वाली राशि में से ही खर्च की जाएगी। हफ्तेभर पहले यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री कार्यालय से हरी झंडी मिलने के बाद वित्त विभाग को भेजा गया है।

सूत्रों के मुताबिक विद्यार्थी मित्रों को समायोजित करने की यह पूरी कवायद एक माह से भी कम समय में पूरी की गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय के जरिए इसकी सीधी मॉनिटरिंग की जा रही है। अपने चुनावी वादे को पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने शिक्षा विभाग के ऊपर आने वाले भार को भी ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग के माथे मढ़ दिया है। विकास का पैसा वेतन पर खर्च होगा। राज्य में 9894 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें फिलहाल करीब 15 हजार ग्राम सेवक व अन्य कर्मचारी नियुक्त हैं। लेकिन अब 27 हजार कार्मिक लगाने की योजना तैयार की गई है। इनकी नियुक्ति फिलहाल एक साल के लिए होगी। इसके बाद कार्यकाल बढ़ाने पर विचार होगा।

आंदोलन का प्रभाव

भाजपा के पिछले शासन में स्कूलों में अध्यापकों की कमी को देखते हुए विद्यार्थी मित्र भर्ती किए गए थे। बाद में इन्हें स्थायी करने की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन कानूनी अड़चनों के चलते वर्ष 2013 में इन्हें बाहर कर दिया गया। उधर, भाजपा के चुनावी वादे के बावजूद नौकरी नहीं मिलने से विद्यार्थी मित्र आंदोलन कर रहे हैं। जिलों के दौरे में भी मंत्रियों को इनके विरोध का सामना करना पड़ रहा है। उधर, विपक्ष भी विद्यार्थी मित्रों के साथ वादा खिलाफी करने के आरोप लगा रहा है। इसको देखते हुए सरकार इनको नौकरी में लेने की तैयारी कर रही है।

दो बैठकों में ही बदल गए मंत्रियों के चेहरे

इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर चार मंत्रियों की कमेटी मंथन में जुटी है। अब तक दो बैठकें हो चुकी हैं। इनमें पंचायत राज मंत्री सुरेन्द्र गोयल, परिवहन मंत्री यूनुस खान, शिक्षा राज्य मंत्री वासुदेव देवनानी और जलदाय मंत्री किरण माहेश्वरी शामिल है। पहले चिकित्सा मंत्री राजेन्द्र राठौड़ को शामिल किया गया था, लेकिन अब उनके स्थान पर माहेश्वरी को लिया गया है।

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