5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

खुशखबरी! पीटीए शिक्षकों को नई प्रक्रिया से रेगुलर करेगी हरियाणा सरकार

हरियाणा के सरकारी स्कूलों में नियुक्त 7500 से अधिक पीटीए शिक्षकों के लिए खुशखबरी है

2 min read
Google source verification

image

Anil Kumar

May 04, 2018

PTA Teachers in Haryana

हरियाणा के सरकारी स्कूलों में नियुक्त 7500 से अधिक पीटीए शिक्षकों के लिए खुशखबरी है। इस शिक्षकों को नियमित करने के लिए सरकार नई प्रक्रिया अपनाने जा रही है। इस नियमितिकरण करने को लेकर कानूनी अड़ंगा न फंसे इसलिए शिक्षा विभाग पब्लिक नोटिस निकालकर लोगों से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित करेगा। इसी के आधार पर सरकार पीटीए शिक्षकों को नियमित करने का फैसला लेगी। शिक्षा विभाग 8 मई को प्रस्तावित मंत्रिमंडल बैठक में यह मामला ले जाने की तैयारियों कर रहा है। आपको बता दें कि अभी हरियाणा के सरकारी स्कूलों में 7500 से अधिक पीटीए शिक्षक तैनात है जिसको लेकर सरकार बड़ी राहत देने की तैयारी कर रही है।


यह फैसला इसलिए किया जा रहा है कि क्योंकि पिछले दिनों सुप्रीमकोर्ट से इस मामले में मुख्य याचिकाकर्ता पंकज कुमार ने अपना केस वापस ले लिया था। इसलिए शिक्षा विभाग पीटीए शिक्षकों को नियमित कर सकता है या नहीं इसको लेकर प्रदेश के विधि विभाग से राय मांगी गई है। इस बारे में विधि विभाग ने कहा है कि एक व्यक्ति ने अपना केस वापस ले लिया है। इसके अलावा कुछ अन्य लोगों के केस अभी सुप्रीमकोर्ट में विचाराधीन हैं। ऐसे में सुप्रीमकोर्ट के वकीलों से राय लेना जरूरी है। ऐसे में विधि विभाग की इस अनुशंसा के बाद अब विभाग के अफसर सुप्रीमकोर्ट के वकीलों से संपर्क कर रहे हैं।

पीटीए शिक्षकों के नियमितीकरण का ये था मामला
साल 2015 से सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्रार बेंच में अस्थायी शिक्षकों का यह मामला चला था। पिछले साल नवंबर में इसे डबल बेंच के लिए शिफ्ट कर दिया गया था। इस बारे में 5 जनवरी से मामले की सुनवाई शुरू हुई। इसमें याचिकाकर्ता पंकज कुमार ने 2013 में मामले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

इस भर्ती के बारे में आरोप लगाया था कि चहेतों को नौकरी दी गई है जबकि पात्र शिक्षक बाहर कर दिए गए। इस बारे में हाईकोर्ट ने 2014 में अस्थायी शिक्षकों के हक में फैसला सुनाया था। इसके बाद सरकार ने पॉलिसी तैयार कर दी थी। हाईकोर्ट के फैसले के बाद करीब लगभग 5500 पीटीए टीचर्स को अनुबंध के आधार पर लगाया गया था।

इसी दौरान हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीमकोेर्ट में चुनौती दी गई। सुप्रीमकोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेशों पर रोक लगाते हुए यथा स्थिति बनाए रखने के आदेश जारी किए। इसके बाद से यह मामला सुप्रीमकोर्ट में विचाराधीन है। इसमें लगभग 2000 पीटीए शिक्षक अनुबंध पर आने से रह गए।