खुशखबर ! टीचर्स के 226 पदों पर होगी भर्ती

खुशखबर ! टीचर्स के 226 पदों पर होगी भर्ती

Jamil Ahmed Khan | Updated: 17 Jul 2019, 07:19:20 PM (IST) जॉब्स

Recruitment 2019 : राजस्थान के संस्कृत शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष गर्ग (Rajasthan Sanskrit Education Minister Subhash Garg) ने कहा है कि वरिष्ठ अध्यापक के विभिन्न विषयों के 690 पदों पर राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा प्रतियोगी परीक्षा आयोजित हो चुकीहै और वरिष्ठ अध्यापक के 177 पदों एवं अध्यापक के 226 पदों पर भर्ती की कार्यवाही प्रस्तावित है।

Recruitment 2019 : राजस्थान के संस्कृत शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष गर्ग (Rajasthan Sanskrit Education Minister Subhash Garg) ने कहा है कि वरिष्ठ अध्यापक के विभिन्न विषयों के 690 पदों पर राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा प्रतियोगी परीक्षा आयोजित हो चुकीहै और वरिष्ठ अध्यापक के 177 पदों एवं अध्यापक के 226 पदों पर भर्ती की कार्यवाही प्रस्तावित है। गर्ग ने बुधवार को विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान विधायकों के पूरक प्रश्नों के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूर्ण होने पर चयनित अध्यापकों से रिक्त पदों का भरा जाना सम्भव है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के जनघोषणा पत्र के अनुसार ही प्रदेश में संस्कृत शिक्षा के प्रसार के लिए कई निर्णय किए गए हैं।

इससे पहले विधायक संतोष के मूल प्रश्न के जवाब में उन्होंने बताया कि विधानसभा क्षेत्र अनूपगढ में तीन राजकीय उच्च प्राथमिक संस्कृत विद्यालय संचालित हैं। उन्होंने इसकी सूची एवं विद्यालयों में अध्यापकों के श्रेणीवार स्वीकृत एवं रिक्त पदों का विवरण सदन के पटल पर रखा। उन्होंने कहा कि संस्कृत शिक्षा विभाग द्वारा अध्यापक लेवल प्रथम एवं अध्यापक लेवल द्वितीय के पदों पर की गई भर्ती के अनुसरण में जारी किए गए पदस्थापन आदेशों में राजकीय उच्च प्राथमिक संस्कृत विद्यालय, नई मण्डी, घड़साना में लेवल प्रथम तथा लेवल द्वितीय के एक-एक पद पर तथा राजकीय उच्च प्राथमिक संस्कृत विद्यालय, रावलामण्डी में अध्यापक लेवल प्रथम के एक पद पर नियुक्ति प्रदान की गई।

गर्ग ने बताया कि राजकीय संस्कृत विद्यालयों को क्रमोन्नत करने संबंधी मापदण्ड के अनुसार राजकीय उच्च प्राथमिक संस्कृत विद्यालय को प्रवेशिका स्तर पर क्रमोन्नत किये जाने के लिए कक्षा आठ में छात्र संख्या न्यूनतम 20-25 होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि निर्धारित मापदण्ड पूरा करने एवं वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता होने पर नवीन संस्कृत विद्यालय खोलना एवं क्रमोन्नत करना सम्भव है।

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