
Survey: लॉकडाउन के बाद भी जारी रहेगा वर्क फ्रॉम होम का ट्रेंड
कोरोनोवायरस लॉकडाउन के दौरान शुरू हुई वर्क फ्रॉम होम (Work-from-home) जॉब चाहने वालों की प्रवृत्ति लॉकडाउन के बाद भी बनी रहेगी। वर्क फ्रॉम होम को लेकर नियोक्ता का भी झुकाव बढ़ रहा है। इसे देश में अब सामान्य प्रवृत्ति बने रहने की संभावना है।
नौकरी तलाशने वालों को 'दूरस्थ', 'घर से काम', और संबंधित वाक्यांशों की तलाश रहती है। एक जॉब पोर्टल द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, फरवरी से मई तक, देश में सभी खोजों के एक हिस्से के रूप में देखे तो वर्क फ्रॉम होम खोजों में 377 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। डेटा के अनुसार दूरदराज के काम और घर से काम के लिए नौकरी पोस्टिंग में भी इसी अवधि में 168 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।
"COVID19 ने लोगों को अपने काम करने के तरीके को बदलने के लिए मजबूर किया है, जिससे दूरदराज के काम करने की दिशा में एक बड़ी पारी बनती है, जो जारी रहने की उम्मीद है।"
हाल ही में, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने 10,000 रुपये के स्टाइपेंड के साथ चार सप्ताह की अवधि के लिए नए स्नातकों या छात्रों के लिए एक डिजिटल इंटर्नशिप की पेशकश की थी। यह ऑनलाइन आयोजित किया जाएगा और आवेदन करने की अंतिम तिथि 25 मई है।
अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) ने भी इससे जुड़े कॉलेजों को कहा है कि वे छात्रों को डिजिटल रूप से अनिवार्य इंटर्नशिप करने की अनुमति दें। एआईसीटीई ने संस्थानों से "छात्रों को इंटर्नशिप के रूप में चुनौतीपूर्ण समस्याएं देने के लिए कहा है जो वे अपने घरों से काम कर सकते हैं"।
इसके अलावा, भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) नागपुर का दावा है कि जिन छात्रों ने कोरोनोवायरस महामारी के कारण मंदी के कारण अपनी नौकरी की पेशकश खो दी थी, उन्हें घर से काम करने के प्रस्ताव मिले हैं। वास्तव में, कई छात्रों के पास बड़े ब्रांडों के साथ एक से अधिक परियोजनाएं हैं।
Published on:
22 May 2020 05:01 pm
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