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अयोध्या की 24 कोसी जैसी होगी जोधपुर की भोगिशैल परिक्रमा, शामिल होंगे एक लाख श्रद्धालु

परिक्रमा संचालन के लिए हिन्दू सेवा मण्डल ने गठित की 11 उप समितियां
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जोधपुर

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Harshwardhan Singh Bhati

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Updated: 21 May 2018, 3:41 PM IST

religious pilgrimage in jodhpur

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जोधपुर . जोधपुर में शुरू हो रहे सात दिवसीय आस्था के अनुष्ठान भोगिशैल परिक्रमा 24 से 30 मई तक होगी। अयोध्या की 24 कोसी और ब्रज की गोवद्र्धन परिक्रमा की तरह एक सप्ताह तक आस्था के सफर में शहर सहित मारवाड़ अंचल से करीब एक लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। हिन्दू सेवा मंडल के बैनर तले आयोजित परिक्रमा के दौरान श्रद्धालु भोगिशैल पहाडिय़ों की 105 किमी की पद यात्रा करते हुए धार्मिक स्थलों में सत्संग तथा जलकुण्डों में स्नान करते हैं।हिन्दू सेवा मण्डल जोधपुर अध्यक्ष देवीलाल टाक तथा आयोजन समिति संयोजक प्रेमराज खिंवसरा तथा सचिव विष्णुचन्द्र प्रजापत ने शुक्रवार को बताया कि शुरुआत 24 मई अपराह्न 3 बजे मण्डल कार्यालय घण्टाघर में ध्वज पूजन से होगी। विनायकिया में बिछडिय़ा गजानन व रातानाडा गणेश दर्शन के बाद प्रथम पड़ाव रातानाडा क्षेत्र में रहेगा। कंटीले रास्ते, दुर्गम पहाडिय़ों, पथरीले रास्तों से होकर पूरी होने वाली यात्रा में हालांकि अब तक राह के रोड़ों को दूर नहीं किया जा सका है। सभी परिक्रमा यात्रियों के लिए मोबाइल चार्ज की व्यवस्था रहेगी।

यूं बढ़ती है आस्था की यात्रा

24 मई को रातानाडा, 25 को चौपासनी, 26 को बड़ली, 27 को बैद्यनाथ, 28 को बेरीगंगा, 29 को मंडोर उद्यान में पड़ाव होगा। परिक्रमा के अंतिम पड़ाव मंडोर उद्यान के बाद परिक्रमा यात्री 30 मई को सुबह संतोषी माता मंदिर , कागा तीर्थ शीतला माता मंदिर, शेखावतजी का तालाब, उम्मेद भवन होते हुए सुबह 11 बजे रातानाडा गणेश मंदिर में दर्शन करेंगे। उसके बाद शोभायात्रा के रूप में कुंजबिहारी, गंगश्यामजी व घनश्यामजी मंदिर के दर्शन कर यात्रा घंटाघर मंडल कार्यालय पहुंच विसर्जित होगी।

प्रशासन का भी रहेगा सहयोग


हिन्दू सेवा मण्डल के प्रधानमंत्री कैलाश जाजू व कोषाध्यक्ष राकेश सुराणा ने बताया कि परिक्रमा पड़ाव स्थलों पर जोधपुर की 50 से अधिक स्वयंसेवी संस्था व धार्मिक सामाजिक संगठनों के साथ जिला प्रशासन के सभी विभागों ने भी पूरे सहयोग की घोषणा की है। मुख्य मेला व्यवस्थापक राकेश गौड़ ने बताया कि व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए 11 उप समितियां गठित की गई हैं। सह संयोजक कानराज मोहनोत, महेश जाजड़ा, तुलसीदास वैष्णव, कैलाश जाजू, लख्मीचंद किशनानी, सोहन सैन, दिनेशकुमार रामावत, गौरीशंकर गांधी, नीमादेवी गोयल, महेश गहलोत, डीके जोशी, ताराचंद शर्मा, लीला सैन, श्यामलाल टाक तथा मांगीलाल जोशी के संयोजन में व्यवस्था संबंधी दायित्व सौंपा गया है।