
राजस्थान के जोधपुर के तखतसागर फिल्टर प्लांट में 27 इंच की लाइन से लगातार सातवें दिन मंगलवार को भी पानी लीकेज होता रहा। आस-पास के खेतों व फार्म हाउस में लगातार पानी का स्तर बढ़ता जा रहा है। खेतों से निकलकर पानी सिद्धनाथ रोड पर फैलने लगा है। सड़क पर दो-तीन फीट पानी भर गया है। अब पीएचईडी ने इस पानी को खेतों और सड़कों की तरफ जाने से रोकने के लिए तीन पंप लगाकर कुड़ी हौद से जोड़ा है। हालांकि यह भी पीएचईडी का जुगाड़ ही है।
बताया जा रहा है कि अब तक करीब 28 एमसीएफटी यानि दो दिन का पानी व्यर्थ बह चुका है। इधर, पीएचईडी ने खेतों और फार्म हाउस में भरे हुए पानी को खाली करके उम्मेद सागर में डालने के लिए कलक्टर के माध्यम से सेना का सहयोग मांगा है। लगातार पानी की आवक से आस-पास के फार्म हाउस और खेतों में पानी भरने के बाद अब यह सड़क पर आने लगा है। जानकारों के अनुसार अब स्थिति काबू में नहीं आती तो इन फार्म हाउस के अंतिम छोर पर बनी हुई दीवार को तोड़कर पानी आगे निकल जाएगा।
ऐसे में आस-पास के इलाकों के साथ ही चौपासनी रोड पर भी पानी भरने की आशंका है। पीएचईडी ने क्लोजर के लिए सुरपुरा बांध का लेवल घटाकर कायलाना और तखतसागर के पानी के लेवल को उठाया था, लेकिन लाइन में अचानक आए लीकेज से लगातार सात दिनों तक व्यर्थ पानी बहने से तखतसागर से अब तक करीब 28 एमसीएफटी पानी निकल चुका है। जो जोधपुर शहर में होने वाली सप्लाई का दो दिन का पानी है।
तखतसागर की लाइन को कुड़ी हौद से जोड़ने के लिए पीएचईडी ने पाली से 150 हॉर्स पॉवर का पंप मंगवाया है। इसके अलावा पीएचईडी ने भी 35 व 50 हॉर्स पॉवर के पंप शुरू किए हैं, ताकि पानी खेतों और सड़कों में नहीं फैले। सारा पानी कुड़ी हौद में भेजा जाएगा। अब लाइन के लीकेज से निकलने वाला पानी को कुड़ी हौद में स्टोरेज करने के अस्थाई प्लान पर कार्य किया जा रहा है।
पीएचईडी के अधिकारियों और कर्मचारियों से स्थिति नहीं संभलने पर अब आर्मी को बुलाया है। आर्मी की टीम ने मंगलवार सुबह मौके का दौरा किया। वे इसकी रिपोर्ट बनाकर शहर वृत्त के एसई राजेंद्र मेहता को सौपेंगे। अब तक गोताखोर एक लकड़ी बॉल के चारों तरफ मिट्टी के कट्टे बांधकर लाइन को बंद करने की जुगत में लगे हुए है। इधर, शाम होते-होते पीएचईडी ने एक बार फिर आर्मी को पत्र लिखकर सहयोग मांगा और आस-पास के खेतों और फार्म हाउस से पानी पंप करके उम्मेद सागर डालने की बात कही गई है।
करीब डेढ़ साल पहले तखतसागर की लाइन को साफ करने और यहां लगे हुए दरवाजों की मरम्मत करने के लिए पीएचईडी के अधिकारियों ने करीब 860 करोड़ का प्रस्ताव बनाकर सरकार को भेजा था। उसके बाद कई बाद मुख्य अभियंता की बैठकों में प्रस्ताव को स्वीकृति देने के लिए अधिकारियों ने कहा था, लेकिन प्रस्ताव पर मुख्यालय से कोई जवाब नहीं आया।
अब सात दिन पहले यानि 8 अप्रेल को लाइन में लीकेज होने के बाद आस-पास के खेतों और फार्म हाउस में पानी भरा तो मुख्यालय ने 10 अप्रेल को आनन-आनन फानन में प्रस्ताव को अप्रूव करते हुए टेंडर भी निकालने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा है। इधर, कायलाना की लाइन का प्रस्ताव भी जुलाई 2024 में भेजा गया था। वो भी विभाग के पास अटका हुआ है।
राज्यसभा सांसद राजेन्द्र गहलोत ने तखतसागर के समीप फिल्टर प्लांट में 27 इंच की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने को पीएचईडी अभियंताओं की गंभीर लापरवाही बताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखते हुए लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के लिए कहा है। साथ ही किसानों की फसलों को हुए नुकसान के लिए मुआवजा देने की मांग की है।
हम पूरे प्रयास कर रहे है। लकड़ी और लोहे की बॉल की बनाकर पानी को रोकने का जो प्रयोग किया गया था, वो भी सफल नहीं हो पाया है। अब सेना से फार्म हाउस और खेतों में भरा हुआ पानी उम्मेद सागर में शिफ्ट करने के लिए कलक्टर के माध्यम से पत्र लिखा गया है।
राजेंद्र मेहता, एसई, पीएचईडी, शहर वृत्त
Published on:
15 Apr 2025 09:04 pm

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