प्रदेश में खाद्य सामग्री पैक करने वाले 50 हजार, लाइसेंस केवल 364 के पास

- विधिक माप विज्ञान कानून लागू होने के 10 साल बाद भी नहीं आई जागरुकता
- सूबे में 80 में से केवल 33 इंस्पेक्टर

By: Gajendrasingh Dahiya

Updated: 21 Jul 2021, 06:42 PM IST

जोधपुर. प्रदेश में खाद्य सामग्री सहित अन्य सामान की पैकेजिंग करने वालों की संख्या 50 हज़ार से अधिक है, लेकिन अभी तक केवल 364 पैकर्स ने ही सरकार के पास पंजीयन करवा कर लाइसेंस ले रखा है। अधिकांश पैकर्स गैर कानूनी तरीके से पैकिंग कर उपभोक्ताओं को चूना लगा रहे हैं। उपभोक्ता मामले विभाग ने अब प्रदेश के सभी विधिक माप विज्ञान अधिकारियों को पैकेर्स की मौके पर जाकर जांच करने और कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं। बगैर लाइसेंस पैकर्स पर 5 से 25000 तक का जुर्माना लगाया जाएगा। प्रदेश में नया विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2011 में लागू हुआ था। तब से लेकर अब तक इस कानून के बारे में सरकारी स्तर पर भी जागरूकता का प्रसार कम किया गया है। हाल ही में हुई बैठक में सरकार ने विनिर्माता कंपनियों के पैकर्स का ऑनलाइन पंजीकरण बेहद कम रहने पर चिंता जताकर अधिकारियों को सघन निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं।

किराना, राशन दुकानों व पेट्रोल आउटलेट का होगा निरीक्षण
राज्य सरकार ने प्रदेश के समस्त जिलों के विधिक माप विज्ञान अधिकारियों को हर महीने पेट्रोल पंपों के नोजल, उचित मूल्य की दुकानों के बाट-माप, बाट निर्माता फर्म, किराणा दुकानों सहित विभिन्न प्रतिष्ठानों के माप-तौल उपकणों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए 12 महीने की योजना बनाई गई है। प्रत्येक महीने जिले के 10 प्रतिशत प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण अगले महीने शुरू होगा। प्रत्येक महीने की 5 तारीख को रिपोर्ट मुख्यालय भेजनी पड़ेगी।

चींटी को पहाड़ सा काम

प्रदेश के 33 जिलों में विधिक माप विज्ञान अधिकारियों के केवल 80 पद है। इसमें से भी 47 पद खाली हैं। अधिकांश जिलों में एक-एक अधिकारी है। कई जिलों में एक भी अधिकारी नहीं है और दूसरे जिलों के पास कार्यभार है। प्रदेश में करीब 25 हजार राशन दुकानों, 2 हजार पेट्रोल पंपों और एक लाख से अधिक किराणा सहित विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण चींटी को पहाड़ सा काम देने के बराबर है।

Gajendrasingh Dahiya Reporting
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