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Fraud : सीसुब के पूर्व कुक पर 60 एफआइआर, करोड़ों रुपए ठगे

- सेवानिवृत्त कमाण्डेंट से 38 लाख रुपए ऐंठने के आरोप में गिरफ्तार

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सीसुब के पूर्व कुक पर 60 एफआइआर, करोड़ों रुपए ठगे

सीसुब के पूर्व कुक पर 60 एफआइआर, करोड़ों रुपए ठगे

जोधपुर।
मण्डोर थाना पुलिस (Police station Mandore) ने कम्पनी में निवेश का झांसा देकर सीमा सुरक्षा बल में सेवानिवृत्त कमाण्डेंट (Retd. BSF commandent) से 38 लाख रुपए ऐंठने के (38 lakh Rs fruad with BSF commandent) आरोपी ठग को गिरफ्तार किया। (60 FIR register against BSF's X cook)
पुलिस के अनुसार मूलत: नागौर जिले में खुनखुना थानान्तर्गत गोदरास हाल पहाड़गंज सैकण्ड निवासी भंवरकंवर पत्नी स्व प्रतापसिंह ने गत तीन अगस्त को मूलत: बालेसर में गोपालसर हाल दिल्ली में रोहिणी निवासी ओमाराम उर्फ राम मारवाड़ी पुत्र पदमाराम मेघवाल के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था। पीडि़ता के पति प्रतापसिंह बतौर कमाण्डेंट सीमा सुरक्षा बल से सेवानिवृत्त हुए थे। तब आरोपी ओमाराम ने उनसे सम्पर्क कर उसकी कम्पनी मिताशी ट्रेड ***** लिमिटेड में निवेश करने पर अच्छा मुनाफा मिलने का झांसा दिया था। उसने कम्पनी की तरफ से अलग-अलग समयावधि के बॉण्ड देने का भरोसा दिलाया था।
झांसे में आकर प्रतापसिंह व रिश्तेदारों ने 2,54,412 रुपए के कुछ बॉण्ड में निवेश किए। कुछ समय बाद आरोपी ने कम्पनी में निवेश के नाम पर सेवानिवृत्ति पर मिले 35 लाख रुपए और ले लिए थे। बदले में 30 व 5 लाख रुपए के दो चेक दिए गए थे।
इसके बाद सेवानिवृत्त कमाण्डेंट बीमार हो गए और फिर उनका निधन हो गया था। सामाजिक रीति रिवाज पूर्ण करने के बाद पत्नी को रुपए की जरूरत हुई तो ओमाराम से सम्पर्क करने का प्रयास किया था, लेकिन उन्हें पता लगा कि ओमाराम करोड़ों रुपए का गबन कर जोधपुर छोड़कर जा चुका है। गत दिनों उसके गिरफ्तार होने का पता लगा था। तब पीडि़ता ने भी मण्डोर थाने में मामला दर्ज कराया था।
उधर, प्रतापनगर थाना पुलिस ने ओमाराम को एक अन्य मामले में गिरफ्तार कर जेल भिजवाया था। इस पर जांच कर रहे एएसआइ ओमप्रकाश ने कोर्ट से प्रोडक्शन वारंट लेकर मूलत: गोपालसर हाल दिल्ली निवासी आरोपी ओमाराम उर्फ राम मारवाड़ी पुत्र पदमाराम मेघवाल को गिरफ्तार किया।
सीसुब में था कुक, रुपए कमाने नौकरी छोड़ी
पुलिस का कहना है कि आरोपी ओमाराम भी सीमा सुरक्षा बल में कुक था। उसे जल्द ही अमीर बनने का भूत सवार था। इसलिए उसने तीन साल में ही सीसुब की नौकरी छोड़ दी थी और खुद की कम्पनी में निवेश करने का झांसा देकर ठगी करने लग गया था। वह करोड़ों रुपए ठग चुका है और अब तक साठ एफआइआर दर्ज हो चुकी है।