जोधपुर/तिंवरी.
मथानिया थानान्तर्गत तिंवरी में मंगलवार को एक युवक अपनी पत्नी व दो बेटों के साथ राजीव गांधी लिफ्ट केनाल में जा कूदा और फिर कुछ दूरी पर बाहर निकलने के बाद उसने ट्रेन से कटकर जान दे दी। छह-सात घंटे की मशक्कत के बाद रात दस बजे मां व दोनों पुत्रों के शव इन्द्रोका गांव में नहर की जाली में फंसे मिले। सामूहिक आत्महत्या का कारण पता नहीं लग पाया है, लेकिन पति-पत्नी में आपसी अनबन होने की आशंका है।
सहायक पुलिस आयुक्त (मण्डोर) पीयूष कविया ने बताया कि तिंवरी निवासी कंवरलाल पुत्र मदनलाल आचार्य का शव दोपहर में तिंवरी रेलवे स्टेशन से तीन किमी मथानिया की तरफ रेलवे ट्रैक पर मिला। देर शाम उसके छोटे पुत्र सौरभ (5) का शव इन्द्रोका गांव में राजीव गांधी लिफ्ट केनाल में मिला। रात नौ बजे पत्नी पूनम और रात दस बजे बड़े पुत्र भरत (7) का शव केनाल की जाली में फंसे मिल गए। जिन्हें बाहर निकाल परिजन से शिनाख्त के बाद मथुरादास माथुर अस्पताल की मोर्चरी भिजवा दिए गए। फिलहाल आत्महत्या का कारण पता नहीं लग पाया है। एडीसीपी नाजिम अली भी मौके पर पहुंचे और तलाश करवाई।
पत्नी व बेटों को नहर में छोड़ खुद बाहर निकला थाथानाधिकारी राजेन्द्रसिंह चारण ने बताया कि पत्नी व बच्चों को पीहर जाने के लिए ट्रेन में बिठाने का बताकर मृतक मोटरसाइकिल पर घर से निकला था। वह बाइक लेकर नहर किनारे पहुंचा, जहां बाइक खड़ी की। फिर पत्नी व दोनों बेटों के साथ आत्महत्या करने के लिए नहर में छलांग लगा दी थी। चूंकि वह तैरना जानता था, इसलिए कुछ दूरी पर जाकर वह नहर से बाहर निकल गया, जहां से वह बाइक लेकर तिंवरी से तीन किमी आगे मथानिया की तरफ रेलवे ट्रैक पहुंचा, जहां संभवत: वह ट्रेन के आगे लेट गया और ट्रेन की चपेट से उसकी मौत हो गई।