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ACBTrap : ESI डिस्पेंसरी का वरिष्ठ सहायक व नर्सिंग अफसर रिश्वत लेते गिरफ्तार

- एएनएम की पेंशन बनाने की एवज में लिए थे ग्यारह हजार रुपए, दो बार में 35 हजार पहले ले चुके थे

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ACB trap ESI employee

एसीबी की गिरफ्त में रिश्वत लेने के आरोपी।

जोधपुर.

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो एसीबी की विशेष यूनिट ने वीआरएस लेने वाली एएनएम की पेंशन बनाने की एवज में 11 हजार रुपए रिश्वत लेने पर ईएसआई अस्पताल के वरिष्ठ सहायक और सीनियर नर्सिंग अफसर को गुरुवार को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। वरिष्ठ सहायक ने रिश्वत लेकर सीनियर नर्सिंग अफसर को दी थी। पीडि़त से 35 हजार रुपए पहले ही ले लिए गए थे।

ब्यूरो के उप महानिरीक्षक हरेंद्र महावर ने बताया कि भदवासिया स्कूल के पास विश्वकर्मा नगर निवासी चन्द्रप्रकाश शर्मा से 11 हजार रुपए रिश्वत लेने पर शास्त्री सर्कल के पास मदेरणा कॉलोनी स्थित ईएसआई औषधालय के वरिष्ठ सहायक हरेन्द्रसिंह को रंगे हाथों पकड़ा। पूछताछ में उसने बोरानाडा में ईएसआई औषधालय के सीनियर नर्सिंग अफसर जयप्रकाश राजपुरोहित के लिए रिश्वत लेना स्वीकार किया। ब्यूरो ने दोनों की मोबाइल पर बात कराई। हरेन्द्रसिंह ने कहा,‘भासा, पइसा आयगा। एएनएम वाला आयगा।’ तब जयप्रकाश ने उससे कहा, ‘घरे आ जा।’ ब्यूरो की टीम हरेन्द्रसिंह को लेकर चौपासनी हाउसिंग बोर्ड ले गई और हरेन्द्र से कॉल करवाकर घर की बजाय नजदीकी चौराहे पर बुलाया। तब जयप्रकाश चौहाबो में बजरी चौराहा पहुंचा, जहां हरेन्द्र ने उसे 11 ग्यारह हजार रुपए रिश्वत दी। तभी ब्यूरो के उपाधीक्षकगोरधन चौधरी के नेतृत्व में टीम ने दबिश देकर दोनों को पकड़ लिया।

दोनों आरोपियों को चौहाबो थाने लाया गया, जहां पूछताछ के बाद ईएसआई औषधालय-2 मदेरणा कॉलोनी के वरिष्ठ सहायक चौहाबो निवासी हरेन्द्रसिंह पुत्र दौलतसिंह और ईएसआई अस्पताल बोरानाडा में सीनियर नर्सिंग अफसर चौहाबो में हरिओम नगर निवासी जयप्रकाश पुत्र गोरधनसिंह राजपुरोहित को गिरफ्तार किया।

एएनएम ने बीमारी की वजह से वीआरएस लिया था

विश्वकर्मा नगर निवासी चन्द्रप्रकाश शर्मा की पत्नी एएनएम थी। बीमारी से परेशान होकर गत एक अप्रेल को वीआरएस लिया था। पेंशन प्रकरण अभी तक नहीं बना है। इसके लिए उन्होंने वरिष्ठ सहायक हरेन्द्र सिंह से सम्पर्क किया था। उसने कार्य के बदले रिश्वत मांगी थी। वे 15 हजार व 20 हजार ले चुके थे। 11 हजार रुपए और मांगे तो चन्द्रप्रकाश ने बुधवार को ब्यूरो में शिकायत दी। गुरुवार को सत्यापन रुपए मांगने की पुष्टि हुई।

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