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अपनी मांगों को लेकर आमने-सामने हो गए वकील, जेडीए अध्यक्ष को बीच में छोडऩा पड़ा भाषण

  मुख्यमंत्री के दौरे तक जारी रहेगी हड़ताल

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अपनी मांगों को लेकर आमने-सामने हो गए वकील, जेडीए अध्यक्ष को बीच में छोडऩा पड़ा भाषण

जोधपुर. उदयपुर हाईकोर्ट सर्किट बेंच के विरोध में गत 21 मई से चल रही जोधपुर के अधिवक्ताओं की हड़ताल सोमवार को चरम पर रही। अघोषित आमसभा में कोई भी निर्णय नहीं निकल पाया। हालांकि एडवोकेट एसोसिएशन के पदाधिकारी सुबह 8 बजे धरना स्थल पर पहुंचे तब ऐसा लग रहा था कि वे हड़ताल खत्म करने के पक्ष में है क्योंकि शनिवार को विधि राज्य मंत्री रविंद्रसिंह राणावत ने उन्हें आश्वस्त किया था कि उदयपुर में सर्किट बेंच बनाने संबंधी गठित की गई समिति का कोई अस्तित्व नहीं है तथा अभी तक इस बारे में निर्णय नहीं लिया गया है। सोमवार को धरना स्थल पर जेडीए चैयरमेन महेंद्रसिंह राठौड़ पहुंचे तथा उन्होंने हड़ताल समाप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार के नुमाइंदे के तौर पर आश्वस्त कर रहे हैं कि वकीलों के साथ किसी भी तरह का धोखा नहीं किया जाएगा। जोधपुर के मान सम्मान की रक्षा की जाएगी। इस बीच वकीलों के एक गुट ने उनके खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्हें खरी खोटी सुनाई तो महेंद्र सिंह राठौड़ ने अपना भाषण बीच में ही समाप्त कर दिया।

आमने-सामने हो गए वकील

जहां एक और वकीलों के दोनों संगठन हड़ताल को समाप्त करने की ओर तैयार थे वहीं कांग्रेस समर्थक कुछ वकीलों ने धरना स्थल पर जबरदस्त हंगामा किया तथा मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। इस बीच आम सभा में यह निर्णय लिया गया कि हड़ताल 2 दिन और जारी रखी जाएगी तथा मुख्यमंत्री के जोधपुर दौरा के दौरान एक प्रतिनिधिमंडल मिलकर इस संबंध में बात करेगा उसके बाद ही हड़ताल समाप्त की जाएगी।

कुछ वकीलों के बीच हुई धक्का-मुक्की


युवा अधिवक्ताओं ने जमकर आक्रोश व्यक्त किया तथा हड़ताल नहीं करने की मांग की गई। उन्होंने कहा कि जब
समिति का गठन हुआ ही नहीं हुआ था तो हडताल शुरू ही क्यों की गई। इस दौरान धरना स्थल पर अफरा-तफरी तथा गहमागहमी का माहौल हो गया और कई अधिवक्ता एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने लगे। अंत में सभी अधिवक्ताओं की राय से यह निर्णय लिया गया कि हड़ताल मुख्यमंत्री के जोधपुर दौरे तक जारी रहेगी तथा उनसे ठोस आश्वासन मिलने के बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।