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वर्षों बाद भरा बिलाड़ा का राजलाव तालाब, कुओं का जलस्तर भी बढ़ा

चौपड़ा फीडर के इस बार लगातार बहने से बिलाड़ा का राजलाव तालाब लबालब भर गया। बुजुर्गोंं के अनुसार दो दशकों बाद पहली बार यह तालाब भरा है।

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After years, the Rajalav pond of Bilara filled

वर्षों बाद भरा बिलाड़ा का राजलाव तालाब, कुओं का जलस्तर भी बढ़ा

बिलाड़ा (जोधपुर). चौपड़ा फीडर के इस बार लगातार बहने से राजलाव तालाब लबालब भर गया। बुजुर्गोंं के अनुसार दो दशकों बाद पहली बार यह तालाब भरा है।

इससे लगभग सौ से अधिक कुओं का जलस्तर ऊपर आया है। इस बार यह संयोग ही रहा कि ऊपरी क्षेत्र में लगातार बारिश होने से पाली जिले का रायपुर बांध की चादर चलने से कस्बे के निकट से बहने वाली चौपड़ा फीडर नहर अनवरत रूप से बही। इसकी लिंक नहर से राजलाव तालाब में पानी पहुंचा। पचास दिनों तक तालाब में लगातार पानी के आने से न केवल तालाब ही भरा बल्कि वर्षों से सूखे पड़े तालाब का पेटा भी भर गया।

स्थिति यह रही कि तालाब भरने से आस-पास के कुओं का जल स्तर ऊपर उठने लगा। तालाब के पास ही खुदे नगरपालिका के दोनों नलकूपों एवं बालियाव के नलकूप का जल स्तर भी सौ फीट से ऊपर आ चुका है। नलकूप में लगे सबमर्सिबल पम्पों ने जहां पानी देने से जवाब दे दिया था, अब न केवल यह नलकूप बल्कि आसपास के दर्जनों कुओं की मोटरें फिर से पूरा पानी देने लगी हैं।

कस्बेवासियों की श्रमशक्ति हुई सार्थक

कस्बे के प्रत्येक जन की जुबान पर अब राजस्थान पत्रिका के अमृतं जलम् अभियान की सराहना सुनने को मिल रही हैं। इस अभियान के तहत कस्बे के लोगों ने यहां न केवल श्रमदान किया बल्कि नगरपालिका ने जेसीबी से तालाब में उग चुकी बबूल की झाडिय़ों को भी उखाड़ फैंका था।

धर्मगुरु दीवान माधवसिंह ने तालाब में पहली गेंती चलाकर खुदाई का शुभारम्भ किया था। उपखण्ड अधिकारी रविन्द्र कुमार एवं सहयोगी अधिकारियों, कर्मचारियों व ग्रामीणों ने पाळ पर रेत डाली थी। नई सोच एक मुहिम के स्वयंसेवकों ने भी बढ़-चढ़ कर पत्रिका के इस अभियान में सहयोग किया था।

काश लिंक नहर पक्की बना दी गई होती

नगरपालिका बोर्ड की बैठक में कई बार पार्षदों द्वारा प्रस्ताव लिखवाने के बावजूद भी पालिका प्रशासन ने चौपड़ा नहर से जुड़ी तालाब की लिंक नहर की मात्र सफाई करवाकर छोड़ दिया। इस नहर को पक्की बना डाली होती तो और भी अधिक जलराशि तालाब तक पहुंच सकती थी।