जोधपुर।
अफीम तस्करी (Opium smuggling) के संदेह में मार्बल व्यवसायी (Extortion case with marble businessman by NCB in Jodhpur) को पकड़ने के बाद कार में बंधक बनाने और कथित रूप से 20 लाख रुपए मांगकर 5 लाख रुपए (5 Lakh Rs Extortion with marble businessman by NCB in Jodhpur) वसूलने के मामले में नारकोटिक्टस कन्ट्रोल ब्यूरो (Narcotics control bureau) (एनसीबी) (Extortion by NCB in Jodhpur) के कार्मिकों की जांच संबंधी पत्रावली साढ़े आठ महीने बाद भी ठण्डे बस्ती में है। पुलिस का दावा है कि अब तक की जांच में एनसीबी कार्मिकों पर आरोप प्रमाणित हैं। जांच भी लगभग पूरी हो चुकी है, लेकिन अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए हरी झण्डी नहीं मिल रही है।
यह है मामला
तिंवरी निवासी मार्बल व्यवसायी सुमेरराम टाक गत वर्ष 20 जून की शाम कार में राजसमन्द से लौट रहा था। शाम 5.35 बजे पाली में टोक नाका पर एनसीबी कार्मिकों ने कार में अफीम होने के संदेह में उसे रोक लिया था।व्यवसायी को कार में जोधपुर लाया गया था। अशोक उद्यान के पास रात 2.45 बजे पुलिस ने व्यवसायी को छुड़ाकर एनसीबी के दो कार्मिकों को मौके से पकड़ा था। एक कार्मिक बाद में थाने में पेश हुआ था। 21 जून को एनसीबी के दो अधिकारी व एक सिपाही के खिलाफ अपहरण कर अवैध वसूली करने का मामला दर्ज कराया गया था।अवैध वसूली का ऑडियो वायरल, वॉइस सैम्पल नहीं दिए
बंधक बनाने के दौरान व्यवसायी ने ममेरे भाई को कॉल कर एनसीबी कार्मिकों के अवैध वसूली के लिए दबाव डालने के बारे में सूचित किया था। उनसे बीस लाख रुपए मंगवाए गए थे। ममेरे भाई ने एनसीबी में परिचित हेड कांस्टेबल को कॉल कर पूरी बात बताई थी। साथ ही लेन-देन की बातचीत का ऑडियो रिकॉर्ड कर लिया था। जो पुलिस ने जब्त किया है। एफएसएल जांच के लिए इस संबंध में एनसीबी कार्मिक से वॉइस सैम्पल मांगे गए थे, लेकिन उन्होंने देने से मना कर दिया था।
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‘एसीपी की ओर से इस मामले की जांच की जा रही हैं। काफी जांच कर ली गई है। जो अब अंतिम स्तर पर है। उच्च अधिकारियों से राय ली जा रही है।’
गौरव यादव, पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) जोधपुर।