
जोधपुर। अपनों को बचाने की जुगत में लगे लोगों से एंबुलेंस चालक मनमाने दाम वसूल रहे हैं। एक बार मुंह से जो रेट निकल गया, वह रेट मरीजों के परिजनों को देना ही पड़ता है। एंबुलेंस चालक अपनी रेट से पीछे नहीं हटते, चाहे मरीज का परिजन कितना भी मजबूर हो।
राजस्थान पत्रिका संवाददाता ने शहर के महात्मा गांधी और मथुरादास माथुर अस्पताल के बाहर खड़े एंबुलेंस चालकों से बीमार व्यक्ति को अहमदाबाद और मुंबई ले जाने के लिए बात की तो हर किसी ने अलग-अलग रेट बताई, जो शहर में कई सामाजिक संस्थाओं की ओर से चल रही एंबुलेंस सेवा से करीब 10-25 हजार रुपए तक ज्यादा थी।
संवाददाता : जोधपुर से मरीज को लेकर मुंबई चलना है, कितने रुपए लेंगे?
एंबुलेंस चालक : मरीज को क्या बीमारी है, उसके हिसाब से पैसे लगेंगे।
संवाददाता : मरीज को कैंसर है। बाकी सब ठीक है। मरीज चलने-फिरने जैसी स्थिति में है।
एंबुलेंस चालक : ठीक है चलेंगे। छोटी गाड़ी लेंगे तो 14-15 हजार और आईसीयू वाली एंबुलेंस लेंगे तो करीब 25 हजार रुपए लगेंगे।
संवाददाता : भाईसाहब रेट बहुत ज्यादा है। कुछ तो कम करो।
एंबुलेंस चालक : इस समय यही रेट चल रहा है। मार्केट में पता कर लीजिए। कोई दूसरा एंबुलेंस वाला चला जाए तो बताइए।
संवाददाता : छोटी एंबुलेंस ले चलो। उसकी रेट तो कम होगी।
एंबुलेंस चालक : उसमें वेंटीलेटर नहीं होगा, सिर्फ ऑक्सीजन होगी। मरीज की तबीयत बिगड़ जाए तो हम पर कोई ऑब्जेक्शन मत करना।
मारपीट के मामले भी दर्ज
सामाजिक संस्थाओं की ओर से संचालित एंबुलेंस और प्राइवेट एंबुलेंस चालकों के बीच भी कई बार रेट को लेकर धक्का-मुक्की तक की नौबत आ चुकी है। एम्स अस्पताल के बाहर कई बार एंबुलेंस चालकों की बीच रेट को लेकर झगड़े हुए। इस संबंध में बासनी थाने में मुकदमे तक दर्ज हुए।
Published on:
05 Jul 2023 10:19 am
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