
UD tax collection
नगर निगम की ओर से यूडी टैक्स जमा करवाने के लिए शहर भर में दिए गए नोटिस में गड़बड़झाला सामने आ रहा है। कई लोगों को एक ही प्रोपर्टी के दो-तीन अलग-अलग नोटिस थमाए गए। साथ ही हर नोटिस में राशि गणना भी अलग-अलग दर्शाई गई है। तो कई लोगों के घरों को ही कॉर्मिशयिल बताया गया है। ये सारी गलतियां निगम की ओर मुख्यालय में लगाए गए शिविर में सामने आ रही है।
केस 1: पावटा स्थित पोलो द्वितीय में रहने वाले एक व्यक्ति के घर दो दिन पहले ही बकाया यूडी टैक्स का नोटिस पहुंचा। नोटिस में उनके घर को कॉमर्शियल बताया गया है, जबकि मौके पर घर ही है। घर के स्वामी ने शिविर में पहुंचकर इस बात को रखा तो संबंधित बाबू ने कनिष्ठ अभियंता से वापस मौका रिपोर्ट करवाकर राहत देने की बात कही।
केस 2 : शिविर में एक व्यक्ति एक ही प्रोपर्टी के दो बिल लेकर पहुंचा। उसने सीधे शिविर में पहुंचकर बाबू से पूछा मैं कौन से रुपए जमा करवाऊं आप ही बता दो...। कभी निगम एक 38 हजार का बिल भेज रहा है तो कभी सीधे 3 लाख का। यूडी टैक्स जमा करवाने में दिक्कत नहीं है, लेकिन टैक्स आखिर भरना कौन सा है।
अर्जियां लिखवाकर संशोधन का भरोसा दे रहे है बाबू
यूडी टैक्स के बिलों में आ रही गड़बड़ी को देखते हुए कई बाबू तो शिविर में केवल इसी काम के लिए लगे हुए हैं कि वे बकायादारों से अर्जी लिखवाकर उसे संबंधित अधिकारी के पास भेज रहे हैं। इससे कई अन्य काम भी प्रभावित हो रहे है। बाबूओं का कहना है कि प्रतिदिन इस तरह के करीब 50 मामले सामने आ रहे है।
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नहीं पूरे हो रहे टारगेट
निगम की ओर से राजस्व वसूली के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सभी जोन उपायुक्तों को प्रतिदिन एक करोड़ का राजस्व एकत्रित करने का टारगेट दिया गया है, लेकिन जोन उपायुक्तों को यूडी टैक्स एकत्रित करने का कार्य देने के बाद पिछले दो दिन में निगम केवल 75 लाख से अधिक की ही वसूली कर पाया है। निगम के राजस्व उपायुक्त कृष्णपाल सिंह चौहान ने बताया कि गुरुवार को निगम की अलग अलग टीमों ने राजस्व वसूली के लिए कार्यवाही की। इसके तहत सरदारपुरा जोन से 1 लाख 95 हजार 522 रुपए, सूरसागर जोन से 16 लाख 98 हजार 295 रुपए और सिटी जोन से 6 लाख 49 हजार 586 रुपए का बकाया यूडी टैक्स वसूल किया।
बालाजी बॉयज हॉस्टल सीज
राजस्व उपायुक्त ने बताया कि चौपासनी हाउसिंग बोर्ड सेक्टर 12 स्थित बालाजी बॉयज हॉस्टल का एक लाख रुपए का बकाया यूडी टैक्स नहीं देने पर सीजिंग की कार्यवाही की गई। इस दौरान टीम को विरोध भी झेलना पड़ा, लेकिन टीम ने यूडी टैक्स जमा नहीं करवाने पर हॉस्टल को सीज कर दिया।
Published on:
17 Mar 2017 04:00 pm
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