पीपाड़ सिटी में पशुओं का दंगल, बाहर कैसे निकलें
युवक की दर्दनाक मौत के बावजूद जवाबदार मौन
पीपाड़ सिटी@पत्रिका. शहर के मुख्य स्थल एवं चौक तथा बाजार आवारा पशुओं के लिए दंगल क्षेत्र बनता जा रहा है। शहर की भीतरी भाग से लेकर कृषि मंडी,नया बस स्टैंड,जोजरी नदी क्षेत्र, सब्जी मंडी, होली धड़ा, सुथारों का बास, पीपली का बास, हॉस्पिटल चौक, सुभाष घाट,मोचीवाड़ा, अंबेडकर सर्किल सहित तमाम मुख्य स्थल पर इनका जमावड़ा लगा हुआ है।
राहगीरों में खौफ
हजारों की संख्या में शहर की सड़कों पर घूमते इन पशुओं का राहगीरों और वाहन चालकों में ख़ौफ़ है। लोग इनकी चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल होते जा रहे है। गत 13 जनवरी को ही एक युवक राजेश जांगिड़ इलेक्ट्रिक बाइक से घर जाते समय मुंसिफ कोर्ट के समीप दो बैलों की लड़ाई के दौरान चपेट में आ गया, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।
शहरवासियों के लिए मुसीबत
शहर में आवारा पशुओं की घटनाओं के बढ़ते ग्राफ के बावजूद वर्षों बाद भी जिम्मेवार एवं जवाबदारों को कानों पर जू तक नही रेंगी है। आवारा पशुओं की यह समस्या शहर वासियों के लिए बड़ी मुसीबत बनकर अब नासूर का रूप ले चुकी है।
फोटो : महेंद्र सिंह उदावत