
48 लाख की धोखाधड़ी के मामले में अपेक्स चंद्रा ट्रेवल्स का मालिक गिरफ्तार, आठ साल से था फरार
जोधपुर. चेक में कांट-छांट कर 48 लाख की धोखाधड़ी करने वाले अपेक्स चंद्रा ट्रेवल्स के मालिक को जोधपुर कमिश्नरेट की स्पेशल टीम ने सोमवार को जयपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी आठ साल से फरार चल रहा था। आरोपी के खिलाफ जोधपुर के महामंदिर व उदयमंदिर सहित कई थानों में धोखाधड़ी व अन्य अपराधिक मामले दर्ज हैं। पिछले पन्द्रह दिनों से टीम इसके पीछे लगी थी। आरोपी पहले मध्यप्रदेश स्थित अपने ससुराल चला गया। वहां से सोमवार को जयपुर लौटते ही उसे दबोच लिया।
यह है मामला
कुड़ी भगतासनी के अमरबाग निवासी पूर्णसिंह देवड़ा ने वर्ष 2011 में सरदारपुरा थाने में अपेक्स चंद्रा ट्रेवल्स के मालिक राजवीर सिंह व उसके साथियों के खिलाफ चेक में कांट-छांट कर 47 लाख 80 हजार 400 रुपए की धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया था। मामले में चार आरोपियों को पुलिस ने पूर्व में गिरफ्तार कर लिया था लेकिन मुख्य आरोपी अपेक्स ट्रेवल्स मालिक व पावटा के मानजी का हत्था 17,18 निवासी राजवीर सिंह (50) पुत्र वीरेंद्र सिंह वर्ष 2011 से फरार चल रहा था।
इस पर एडीसीपी कैलाशदान रतनू के निर्देशन में पुलिस निरीक्षक लिखमाराम व अन्य पुलिसकर्मियों की स्पेशल टीम ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी। टीम को आरोपी की सूचना मिलने पर जयपुर गई तो पता लगा कि वह मध्यप्रदेश में अपने ससुराल चला गया था। सोमवार को आरोपी के जयपुर पहुंचते ही टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
छोटी रकम के चेक में लाखों की राशि भरकर धोखाधड़ी
ट्रेवल्स संचालक व उसके साथियों का गिरोह व्यापार में लेनदेन के दौरान छोटी राशि के चेक में कांट-छांट कर उसमें लाखों रुपए की राशि भरकर धोखाधड़ी करते थे। आरोपियों के खिलाफ वर्ष 2011 में महामंदिर, उदयमंदिर, सरदारपुरा सहित अन्य कई थानों में धोखाधड़ी के मामले दर्ज हो रखे थे। पुलिस ने गिरोह के अन्य आरोपी मधुबन हाउसिंग बोर्ड निवासी पवनराज भण्डारी उर्फ जॉनी भण्डारी, झंवर के मोडाथली निवासी सुरेंद्र बिश्नोई, लूणी के भीमावता निवासी अर्जुन सिंह, नादंडी के प्रेमनगर निवासी करणसिंह को पूर्व में गिरफ्तार कर लिया था।
जोधपुर छोड़ दिया, मोबाइल से चलाता है बिजनेस
ट्रेवल्स मालिक राजवीर सिंह कई सालों पहले चंद्रा ट्रेवल्स में कर्मचारी था। बाद में उसने खुद की अपेक्स चंद्रा टे्रवल्स नाम से ट्रेवल्स कंपनी शुरू की। इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर लोगों से धोखाधड़ी कर करोड़ों रुपए कमाए। मामले दर्ज होने पर वह पिछले आठ साल तक जोधपुर नहीं आया। वह जयपुर में रहकर मोबाइल से बिजनस संभाल रहा था। पुलिस निरीक्षक लिखमाराम बटेसर पूर्व में जयपुर में थानाधिकारी रहे थे। इस पर लिखमाराम ने जयपुर में अपने मुखबिरों से राजवीर सिंह की तलाश कर पता लगाया।
Published on:
02 Jul 2019 11:06 am

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