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जब पूर्व पीएम वाजपेयी ने आडवाणी को दूल्हा बता कर कह दिया था दिल्ली की सरकार ब्याह कर लानी है

व्यक्तिगत पत्राचार में भी भरपूर जिंदादिली झलकती थी

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जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ में अतिरिक्त महाअधिवक्ता श्याम सुंदर लदरेचा जो कि वर्ष 1991 में बीकानेर में भाजयूमो अध्यक्ष थे, ने जब अपनी शादी में पूर्व प्रधानमंत्री व तत्कालीन विपक्ष के नेता अटल बिहारी वाजपेयी को दिल्ली जा कर निमंत्रण दिया, तो उन्होंने तब तो आने की हामी भर दी। लेकिन शादी के दौरान लोकसभा के मध्यावधि चुनाव होने के कारण तथा नई दिल्ली सीट से फिल्म स्टार राजेश खन्ना के खिलाफ लाल कृष्ण आडवाणी के चुनाव लडऩे का कारण बताते हुए उन्होंने शादी में नहीं आ पाने की मजबूरी को कुछ इस प्रकार से बयां किया। अटलजी ने लिखा ....आपका 13 फरवरी का पत्र मिला। यह जानकर प्रसन्नता हुई कि आप चतुर्भुज होने जा रहे हैं। बहुत-बहुत धन्यवाद। इच्छा होते हुए भी आना सम्भव नहीं है। यहां भी एक बारात चढ़ रही है, आडवाणी जी उसमें दूल्हा है। नई दिल्ली की सरकार को ब्याह कर लाना है...।

जोधपुर में किया था वीर दुर्गादास की प्रतिमा का अनावरण


मसूरिया पहाड़ी पर हुए गरिमामयी समारोह में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 3 अक्टूबर 1998 को वीर दुर्गादास की अष्टधातु निर्मित प्रतिमा का अनावरण किया था। कार्यक्रम में तत्कालीन मुख्यमंत्री भैरोसिंह शेखावत अतिथि के रूप में शरीक हुए थे। तत्कालीन रक्षा मंत्री जसवंतसिंह ने इसके लिए पर्यटन मंत्रालय से स्वीकृति दिलवाई थी। कार्यक्रम में पूर्व संासद राजमाता कृष्णाकुमारी, पूर्व सांसद गजसिंह, हेमलता राज्ये, मेहरानगढ़ म्यूजियम ट्रस्ट के पूर्व निदेशक महेंद्रसिंह नगर, वीर दुर्गादास राठौड़ समिति के तत्कालीन अध्यक्ष डॉ.आरएन सिंह, सचिव रामदत्त थानवी व संयोजक भागीरथ वैष्णव व जितेंद्रराज लोढ़ा सहित कई गणमान्य नागरिकों ने शिरकत की थी। उस समय वाजपेयी के घुटनों में बहुत दर्द था और कार्यक्रम के दौरान पहाड़ी के अनावरण स्थल के पास उनके कदम लडख़ड़ा गए थे, तब साथियों ने उन्हें संभाला था। वाजपेयी चाहते थे कि प्रतिमा स्थल के पास अच्छा सा पार्क बने,जो उनकी इच्छा के अनुरूप बाद में विकसित किया गया।

शिखर पुरुषों की प्रतिमा शिखर पर बने : वाजपेयी

अटलबिहारी वाजयेपी ने अपने भाषण में कहा था- शिखर पुरुषों की स्थापना शिखर पर ही होनी चाहिए। मैं चाहता हूं कि यहां एक ऐसा रमणीक स्थल बने कि आज की युवा पीढ़ी यहां आए तो उसे एहसास हो कि इस देश में ऐसे भी योद्धा हैं,जिन्होंने देश के लिए त्याग किया।

पूर्व सासंद गजसिंह ने जताया दुख


पूर्व सांसद गजसिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी के निधन पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है। उन्होंनं कहा कि वाजपेयी का जोधपुर से विशेष लगाव रहा है। प्रधानमंत्री के रूप में वर्ष 1998 में वीर दुर्गादास राठौड़ की मसूरिया पहाड़ी पर स्थापित प्रतिमा का अनावरण उन्होंने किया था।