
अटल बिहारी जी की वो कविता जिसने हिलाकर रख दिया था पूरा 'पाकिस्तान', कहा था 'ऐ नादान पड़ोसी'
नई दिल्ली। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन से देशभर में शोक की लहर दौड़ गई। एक राजनीतिज्ञ होने के साथ-साथ अटल बिहारी वाजपेयी एक 'कवि' भी रहे और कविताएं उनके हृदय के करीब रहीं। वहीं उनकी ऐसी कविता भी है जिसने पूरे पाकिस्तान को हिला कर रख दिया था। पाकिस्तान पर लिखी गई उनकी ये कविता 'शीश नहीं झुकेगा' काफी प्रसिद्ध है जिसे खूब सुना जाता है। अटल जी का यूं जाना सबको दुखी कर गया है पूरा देश उनके इस तरह से जाने की वजह से गम में डूबा है। अटल जी के जीवन से जुड़ी तमाम कहानियां जो सब भूल चुके थे आज फिर सबकी आंखों के आगे नाच रही हैं। खासकर उनकी वो सारी अविस्मित कविताएं जिन्हें सुनने के बाद किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाते थे चाहें वो अपना पड़ोसी देश की ही क्यों न हो।
शीश नहीं झुकेगा ...
तो चलिए उनकी कविता 'शीश नहीं झुकेगा' को एक बार फिर से याद करते हैं। जानकरी के लिए बता दें कि, दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में जैसे ही उनके निधन की खबर पहुंची कार्यकर्ता बिलख पड़े। देश की राजनीति के सबसे करिश्माई और लोकप्रिय चेहरों में से एक वाजपेयी को श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए एम्स के बाहर लोगों का तांता लग गया। वहीं पीएम मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर दुख जताया है। उन्होंने कहा, 'स्वर और शब्द देने वाले हम सभी के प्रेरणा स्रोत अटल बिहारी वाजपेयी अब नहीं रहे। वाजपेयी के रूप में भारतवर्ष ने अपना अनमोल, अटल रत्न खो दिया है। श्रद्धांजलि देने के लिए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री से लेकर विभिन्न दलों के शीर्ष नेता और राज्यों के मुख्यमंत्री उनके दिल्ली स्थित आवास कृष्णा मेनन मार्ग पर उमड़ पड़े।
Published on:
17 Aug 2018 10:56 am
बड़ी खबरें
View Allहॉट ऑन वेब
ट्रेंडिंग
