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पाकिस्तान में निशाने पर हिंदू मंदिर

jodhpur news pakistan news - थार जिले में भटियाणी राणी के मंदिर में तोडफ़ोड़, माता की मूर्ति पर रंग पोता- उमरकोट के शिव मंदिर के बाहर आर्मी तैनात, शिवरात्रि उत्सव मुश्किल में- घोटकी जिले में 3 हिंदू मंदिरों पर किया गया हमला

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पाकिस्तान में निशाने पर हिंदू मंदिर

पाकिस्तान में निशाने पर हिंदू मंदिर

जोधपुर. जम्मू-कश्मीर में धारा-370 हटने के बाद पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। पिछले छह महीनों में वहां आधा दर्जन से अधिक हिंदू मंदिरों को निशाना बनाया गया है। सप्ताह भर पहले सिंध प्रांत के थारपारकर जिले के चाचरो कस्बे में स्थित विश्व प्रसिद्ध भटियाणी माता के मंदिर में भारी तोडफ़ोड़ की गई। खूफिया सूत्रों के अनुसार मंदिर परिसर में सारा सामान क्षतिग्रस्त कर दिया गया और गर्भ गृह में स्थित माता की मूर्ति पर कालिख पोत दी गई। उमरकोट स्थित शिव मंदिर के बाहर आर्मी लगा दी गई है जो मंदिर आने जाने वालों की जासूसी कर रही है। इस कारण वहां अल्पसंख्यकों ने मंदिर जाना कम कर दिया है। शिवरात्रि में अब केवल एक पखवाड़ा बचा है और हर साल वहां तीन दिवसीय कार्यक्रम होता है। लेकिन इस बार उमरकोट प्रशासन ने अब तक कोई आदेश जारी नहीं किया है। सितम्बर में ही सिंध के ही घोटकी जिले में स्थित 3 हिंदू मंदिरों पर हमला किया गया। यहां स्कूल में पढ़ा रहे एक अल्पसंख्यक पर धार्मिक भावनाएं भडक़ाने का आरोप लगाकर मंदिरों पर पत्थरबाजी की गई।

मंदिरों की हालत खस्ता
भारत व पाकिस्तान के बंटवारे के बाद पाकिस्तान में मंदिरों की हालत खस्ता बनी हुई है। पंजाब प्रांत के सियालकोट स्थित स्वाला तेज सिंह का मंदिर आजादी के 72 साल बाद पिछले साल ही खोला गया। लंबे समय से हिंदुओं की मांग को पाकिस्तान की संघीय सरकार ने मंजूरी दी थी। धारा-370 हटने के बाद यहां भी स्थिति विकट हो गई है। श्रीनगर से 130 किलोमीटर दूर पाक अधिकृत कश्मीर में स्थित शारदा पीठ कश्मीर पंडितों का प्रमुख धर्म स्थल है। इसे भी बंटवारे के बाद पिछले साल ही शुरू किया गया। वर्तमान में यह खण्डर हो चुका है। सरकार इसकी मरम्मत की इजाजत नहीं दे रही।

सिंध में अल्पसंख्यकों को अधिक परेशानी
पाकिस्तान में चार प्रांत है। राजस्थान की सीमा से लगते सिंध प्रांत में अल्पसंख्यकों और मंदिरों पर हमले अधिक हैं। यहां लड़कियों के धर्म परिवर्तन की घटनाएं भी शेष देश से अधिक है। वहां बहुसंख्यक व्यक्ति धर्म के अनादर का आरोप लगाकर बाजार बंद करवा देते हैं। पुलिस भी उनका साथ देती है। भटियाणी मंदिर पर हमला करने वाले चार नाबालिगों को यह कहकर बरी कर दिया गया कि वे नाबालिग है और केवल चोरी के उद्देश्य से आए थे।