
Attempt to kidnap & fire in Bilara
आठ वर्ष पूर्व हुए बाल विवाह को नकारने वाली 17 वर्षीय निरमा का बुधवार रात अपहरण करने का प्रयास किया गया।
इस दौरान हवाई फायर भी किए, लेकिन आस-पास की ढाणियों में जाग हो जाने तथा बड़ी संख्या में लोगों को आते देख सभी बदमाश भाग छूटे। जरिये इस्तगासे शुक्रवार को दर्ज रिपोर्ट में निरमा व उसके परिजनों ने पुलिस से सुरक्षा मांगी है।
तिलवासनी पंचायत की सरहद में एक ढाणी में रहने वाले भाकरराम पुत्र सुखदेव खोखर ने यहां वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश ललित पुरोहित के समक्ष परिवाद प्रस्तुत कर कहा कि उसकी पुत्री निरमा (17) का आठ वर्ष पूर्व उसी के गांव के एक विश्रोई परिवार के युवक के साथ ब्याह के साथ कर दिया था।
अब जब निरमा पढ-लिख चुकी है और वह इस ब्याह को मात्र गुड्डे-गुडिय़ा का खेल मान कर इस शादी से इनकार कर रही, जिस पर उसे जबरन अगवा कर ले जाने का प्रयास किया गया और परिवार के लोगों के साथ मारपीट भी की गई।
परिवादी ने बताया कि गत दिनो बाबूलाल, मांगीलाल, बीरबलराम, कंवराराम, गुड्डी तथा शोभा एक कार एवं दो मोटरसाइकिल से उसकी ढाणी पहुंचे और उसकी पुत्री निरमा का अपहरण करने के उद्देश्य से घर में प्रवेश कर गए और जो भी सामने दिखा उस पर लाठियां बरसाई, गाली-गलौच की, निरमा को उनकी मंशा की जानकारी हो जाने पर वह पिछवाड़े रखे चारे में जा छुपी ।
बदमाशों को निरमा नहीं मिलने पर बाबूलाल ने तमंचा निकाल फायर किया, सभी साथियों ने उसे और परिवार के सदस्यों को बेरहमी से मारा-पीटा, फायर की आवाज सुन आस-पास की ढाणियो में जाग हो गई और लोगों को आते देख सभी लोग उल्टे पांव भाग गए।
परिवादी ने बताया कि उसे आशंका है कि सभी बदमाश फिर कभी उसकी ढाणी पर हमला कर सकते हैं और उसकी पुत्री निरमा को खतरा है उसकी सुरक्षा की व्यवस्था की जाए।
उक्त परिवाद को स्वीकार कर थाना प्रभारी विनोद कुमार छीपा को मामला दर्ज का बुनियादी कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए। शुक्रवार को उक्त मामला दर्ज किया गया है।
Published on:
03 Jun 2017 07:32 am
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