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Rajasthan High Court: ऑटो रिक्शा के लिए वास्तविक परमिट आवंटन पर रोक

राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर शहर में ऑटो रिक्शा के परमिट बढ़ाने के निर्णय को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्देश दिए कि परमिट जारी करने की प्रक्रिया जारी रखी जा सकती है, लेकिन अगली सुनवाई तक वास्तविक परमिट आवंटन नहीं किया जाए।

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rajasthan high court: ऑटो रिक्शा के लिए वास्तविक परमिट आवंटन पर रोक

जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर शहर में ऑटो रिक्शा के परमिट बढ़ाने के निर्णय को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्देश दिए कि परमिट जारी करने की प्रक्रिया जारी रखी जा सकती है, लेकिन अगली सुनवाई तक वास्तविक परमिट आवंटन नहीं किया जाए।

मुख्य न्यायाधीश ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह तथा न्यायाधीश विनित कुमार माथुर की खंडपीठ में याचिकाकर्ता ऑटो रिक्शा एकता यूनियन तथा मारवाड़ ऑटो रिक्शा समिति की ओर से अधिवक्ता मोतीसिंह ने कहा कि जोधपुर में संचालित ज्यादातर सार्वजनिक परिवहन वाहन एलपीजी तथा डीजल संचालित है, जो प्रदूषण के लिए जिम्मेदार है। वर्ष 2014 में नगर निगम ने शहर में विभिन्न स्थानों पर टैक्सी स्टेंड अधिसूचित किए थे। इसके बाद वर्ष 2016 में डीसीपी यातायात ने अतिरिक्त स्टेंड अधिसूचित किए।

अधिवक्ता मोतीसिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के लिए 1800 ऑटो रिक्शा अधिकृत हैं, लेकिन वे सभी ऑटो रिक्शा शहरी सीमा में संचालित किए जा रहे हैं। जबकि उनके पास शहरी क्षेत्र का परमिट नहीं है। उन्होंने कहा कि यूनियन ने प्रदूषण को देखते हुए 2021 में मुख्यमंत्री को शहर में ऑटो रिक्शा के परमिट पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। पिछले वर्ष यातायात नियंत्रण बोर्ड ने ऑटो रिक्शा के परमिट की संख्या 750 तक बढ़ाने की मंजूरी दी है, जिससे प्रदूषण बढ़ने का खतरा रहेगा।