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RTO –ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रायल ट्रैक: 720 दिन का कांट्रेक्ट खत्म, 17 जुलाई से आरटीओ करेगा संचालन

- अब तक निजी कम्पनी कर रही थी संचालन

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जोधपुर

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Amit Dave

Jul 16, 2023

RTO --ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रायल ट्रैक: 720 दिन का कांट्रेक्ट खत्म, 17 जुलाई से आरटीओ करेगा संचालन

RTO --ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रायल ट्रैक: 720 दिन का कांट्रेक्ट खत्म, 17 जुलाई से आरटीओ करेगा संचालन

जोधपुर।
परिवहन विभाग की ओर से प्रदेशभर में बनाए गए ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रायल ट्रैक का संचालन अब विभाग अपने स्तर पर करेगा। जोधपुर में भी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) में ड्राइविंग टेस्ट के लिए बनाए गए ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रैक का संचालन भी अब परिवहन विभाग करेगा। ट्रैक संचालन का जिम्मा अब तक निजी कम्पनी के हाथों में था, जिसकी कांट्रेक्ट अवधि 720 दिन बाद रविवार को पूरी हो रही है। कंपनी के अधिकारियों ने ट्रैक को परिवहन विभाग को हैंडओवर करने संबंधी औपचारिकताएं पूरी कर ली है। इससे सोमवार से विभाग की ओर से ट्रैक का संचालन किया जाएगा।

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10 अक्टूबर 2021 को शुरू हुआ था

योग्य व्यक्ति को ही गाड़ी चलाने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस मिले व ड्राइविंग लाइसेंस में फर्जीवाडा रोकने के लिए परिवहन विभाग ने ऑटोमेटेड ड्राइविंग ट्रैक बनाए थे। जोधपुर में यह ट्रैक 10 अक्टूबर 2021 को शुरू किया गया था।
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पत्रिका ने प्रमुखता से उजागर की तकनीकी खामियां
ट्रैक पर तकनीकी खामियों के चलते यह ऑटोमेटेड ट्रैक नहीं मानव संचालित ट्रेक बन गया था। चिप की वजह से भी लाइसेंस समय पर जारी नहीं हो रहे थे सहित आदि अनेक कारणों से इसके ऑटोमेटेड ट्रायल ट्रैक का उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा था। जिनको राजस्थान पत्रिका ने प्रमुखता से उजागर किया था।

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प्रदेश के विभिन्न कार्यालयों में कंपनी का कांट्रेक्ट खत्म होने की तिथि
- 16 जुलाई जोधपुर, अलवर व भरतपुर आरटीओ में ।

- 19 जुलाई दौसा आरटीओ में ।
- 4 अगस्त झालावाड़ डीटीओ कार्यालय में ।

- 23 अगस्त उदयपुर आरटीओ में ।

- 24 अगस्त कोटा और चित्तौड़गढ़ आरटीओ में ।
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यहां खत्म हो चुकी कांट्रेक्ट अवधि
- 12 जुलाई सीकर , बीकानेर, डीडवाना में ।

- 13 जुलाई पाली आरटीओ में ।
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विभाग के अधिकारी-कर्मचारी ड्राइविंग ट्रैक पर आवेदकों का टेस्ट और अन्य लाइसेंस संबंधी कामकाज संभालेंगे। इससे कम्पनी को दिया जाने वाले पैसे की बचत होगी व ट्रैक का सुचारु संचालन होगा।
रामनारायण बडगुजर, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी
जोधपुर

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ट्रैक में आरंभ से ही तकनीकी खामियां थी और यह मानव संचालित ट्रैक बन गया था। मेरी शिकायत को राजस्थान पत्रिका ने मुखरता से आवाज़ दी, इसी का परिणाम है कि यह विभाग के अधीन होने जा रहा है।
-सैयद ताहिर अली,अध्यक्ष
सूर्यनगरी यातायात सलाहकार समिति

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