जोधपुर . सूर्यनगरी के हैंडीक्राफ्ट निर्यातकों की ओर से विकसित किए गए ऑटोमोबाइल फर्निचर की इस बार दिल्ली फेयर में धूम मची हुई है। पुरानी हो चुकी गाडिय़ों के पुरजों को फर्निचर में उपयोग करके जोधपुर के इनोवेटिव निर्यातकों ने हैंडीक्राफ्ट में एक नई रेन्ज विकसित की है। जो आज के समय में विदेशो में बहुत डिमांड में है। दिल्ली फेयर में आए यूरोप के अधिकांश बायर्स इस फर्निचर रेंज के कायल हो गए है ।
160 करोड़ का ऑटोमोबाइल फर्नीचर निर्यात निर्यातकों ने स्कूटर, टे्रक्टर, ट्रर्क व मोटरसाईकील आदि की ओटोमोबाइल फर्निचर की रेंज डेवलप की। जिसका क्रेज विदेशी बायर्स के सिर चढ़कर बोलने लगा है। जोधपुर से करीब एक सौ साठ करोड़ का ओटोमोबाइल फर्निचर जर्मनी, फ्रांस, स्पेन व यूएस में निर्यात किया जाता है ।
ऑटोमोबाइल थीम पर ही डिस्प्ले कर दिए फर्नीचर
फेयर में जोधपुर के निर्यातकों ने बड़ी संख्या में ऑटोमोबाइल फर्नीचर डिस्प्ले किए हैं। इसमें निर्यातक अजय शर्मा ने ऑटोमोबाइल थीम पर ही अपनी स्टाल के फर्नीचर डिस्प्ले कर दिए। शर्मा ने बताया कि इस शृंखला के फर्निचर तैयार करने के लिए बहुत मेहनत व परफेक्शन की जरूरत होती है। उन्होंने बताया की वो पहले पुरानी गाडिय़ों के कबाड़ डीलरों से काम में आने वाली गाड़ी सलेक्ट करते हैं। फिर उसे अपनी फैक्ट्री में कारीगरी ओर फिनिशिंग के साथ फर्निचर का रूप देते हैं। शर्मा ने बताया की ओटोमोबाइल फर्निचर की डिमांड रेस्टोरेन्ट व र्फाम हाउस में अधिक है।
एमएसएमई राज्यमंत्री ने भी ऑटोमोबाइल फर्नीचर को सराहा
एमएसएमई राज्य मंत्री गिरिराज सिंह ने फेयर का अवलोकन किया व जोधपुर के निर्यातकों के दोनों विशेष डोम का अवलोकन किया। उन्होंने इस दौरान निर्यातक अजय शर्मा के स्टाल पर लगे ऑटोमोबाइल फर्निचर को बहुत सराहा।
फेयर में दिख रहा जीएसटी व यूरोप में मंदी का असर
इस बार फेयर में जिएसटी व यूरोप में चल रही मंदी का असर देखने को मिला है। पिछली बार की अपेक्षा इस बार यूरोप के बायर्स कम नजर आ रहे हैं। इस वजह से फेयर का मिला जुला असर देखने को मिला है। ईपीसीएच के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर राकेश कुमार ने बताया की इस बार अमेरीका, लेटेन अमेरिका व साउथ अफरीका के ग्राहक अच्छी मात्रा में आए हैं।