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Azadi ka Amrit Mahotsav : पूरा परिवार स्वतंत्रता आंदोलन में जुटा, घर में छापते थे अखबार-बैनर

- माचिया किले में परिवार के सदस्यों को रखा था कैद

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Azadi ka Amrit Mahotsav : पूरा परिवार स्वतंत्रता आंदोलन में जुटा, घर में छापते थे अखबार-बैनर

Azadi ka Amrit Mahotsav : पूरा परिवार स्वतंत्रता आंदोलन में जुटा, घर में छापते थे अखबार-बैनर

जोधपुर।

परिवार का हर सदस्य जंग-ए-आजादी Freedom Movement में कूद पड़ा था। मेरी काकी सास गवरजा जोशी जो कि उस समय जयनारायण व्यास Jay narayan Vyas की धर्मपत्नी "भोजी" के नेतृत्व में स्वतंत्रता के आंदोलन में सक्रिय थी, अपने साथ पूरे परिवार को आंदोलन में सक्रिय रखा। यह बात 84 साल की उमराव कौर बड़े गर्व से बताती हैं।
हमारे घर के भूरे में यानि अण्डर ग्राउण्ड में प्रेस थी। जिसमें स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन के लिए अखबार बैनर पेम्फलेट आदि छपते थे। यहीं से स्वतंत्रता आंदोलन में वितरित होने वाला साहित्य छपता था। जिससे लोगों को जागरूक कर अधिक से अधिक इस आंदोलन से जोड़ने के प्रयास होते थे। उस समय उनकी शादी नहीं हो रखी थी, लेकिन उन्होंने अपनी काकीसास, सास, जेठ, देवर, ननद व खुद अपने पति पुरूषोत्तम जोशी से यह बातें पता चली।

ऐसे जुट गया पूरा परिवार
गवरजा जोशी ने अपने पुत्र सुमनेश जोशी, वृद्धिचंद जोशी (लपसा बेड़वाल), चम्पालाल जोशी और अपने जेठूतरे पुरूषोत्तम जोशी को भी स्वतन्त्रता संग्राम यज्ञ में शामिल किया। उमराव कौर आगे बताती हैं कि उनके पति सरकारी सेवा में कार्यरत थे, फिर भी जयनारायण व्यास, मथुरा दास माथुर, भाई लालचंद, छगनलाल चौपासनीवालों, तारक प्रसाद थानवी के साथ कन्धे से कन्धा मिलाकर कार्य करते थे।

1942 को उन्हें पकड़ लिया
17 अगस्त 1942 को पुरुषोत्तम जोशी जो कि घर के पास नायों के बड़ हथाई पर बैठे थे तब पुलिस पकड़ कर ले गई। इन्कलाब जिंदाबाद के नारे की आवाज सुनाई दी तब घर पर मालूम पड़ा। उन्हें माचिया किले में कैद किया गया। घर के सदस्य माचिया किला जाकर मिलकर आते थे।