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MahaKumbh 2025: महाकुंभ में लड़कियों की बन रही रील पर भड़के धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री, कह दी ऐसी बड़ी बात

Dhirendra Krishna Shastri: महाकुंभ में रील प्रकरण पर धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि वर्तमान समय में महाकुंभ अपने उद्देश्य से भटक रहा है। महाकुंभ इसलिए लगाया गया है कि सनातन व भारतीय संस्कृति का प्रचार हो।

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Dhirendra Krishna Shastri

पत्रिका फोटो

Bageshwar Dham Baba: बागेश्वर धाम बाबा धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि धर्मांतरण करने वाली धर्म विरोधी ताकतों को रोकने व उनको देश से निकालने के लिए गली-मोहल्लों में हनुमान चालीसा बागेश्वर मंडल बनाए जाएंगे।

अल्प प्रवास पर राजस्थान के जोधपुर आए शास्त्री ने कहा कि 19 जनवरी को आदिवासी जनजागरण महासमेलन आयोजित किया गया, जिसमें राजस्थान से 22 बसें आई। महासमेलन में करीब 1200 परिवार जनजागरण के लिए निकले। उन्होंने कहा कि वर्तमान में सबसे सॉट टारगेट आदिवासी हैं, जो प्रकृति मित्र हैं उनके लिए जल-जंगल और जीवन सर्वोपरि है।

महाकुभ में विदेशी भी डुबकी लगाते हैं

महाकुंभ आयोजन पर शास्त्री ने कहा कि महाकुभ भारतीय सनातन संस्कृति का अद्भुत संगम है। यह हमारे लिए गौरव की बात है कि 144 साल बाद महाकुंभ आया है, जो सामाजिक एकता, समरसता व सबको एकत्व करने का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की महिमा देखिए कि यहां स्टीव जॉब्स की पत्नी भी कमला बनकर आती है और डुबकी लगाती है। यहां फ्रांसीसी-अमरीकी भी डुबकी लगाते हैं।

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रील नहीं रियल में जीना चाहिए

महाकुंभ में रील प्रकरण पर शास्त्री ने कहा कि वर्तमान समय में महाकुंभ अपने उद्देश्य से भटक रहा है। महाकुंभ इसलिए लगाया गया है कि सनातन व भारतीय संस्कृति का प्रचार हो। कुंभ में और अनेक साधु-सन्यासी हैं, लेकिन रील केवल युवतियों पर टिकी हुई हैं। महाकुंभ तो रिसर्च का विषय है कि यहां 40 करोड़ लोग आते हैं, उनका लिए कैसे मैनेजमेंट होता है, साधु-संत कहां से आते हैं और कहां चले जाते हैं। संगम का क्या महत्व है।

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