
दिग्गजों की सरपंच चुनावों में हुई जमानत जप्त
शेगरढ़.
शेरगढ़ पंचायत समिति में गांवों की सरकार बनाने में जनता ने जिससे पंचायत समिति का मुखिया बनाया था, उसी को पांच साल बाद सरपंच चुनाव में नकार दिया। शेरगढ़ पंचायत समिति में निवर्तमान प्रधान तगाराम भील ने अपने गांव ग्राम पंचायत तेना में सरपंच पद के लिए दावेदारी की। उनके सामने बुद्धाराम और हुकमाराम उम्मीदवार थे। जिसमें तगाराम को जनता ने नकारते हुए मात्र 76 वोट देकर जमानत जप्त करवा दी। वहीं प्रधान तगाराम की भील पत्नी पप्पूदेवी भी तेना के वार्ड आठ में वार्डपंच के लिए उम्मीदवारी की थी। उसमें भी पप्पूदेवी को हार का सामना करना पड़ा। वहीं बुद्धाराम को 1712 व हुकमाराम को 1590 वोट मिले। इसी प्रकार ग्राम पंचायत दासानिया में भी पूर्व प्रधान धापू देवी को भी जनता ने नकार दिया। दासानिया में धापू देवी के सामने झीमो देवी थी। जिन्हें 1540 व धापू देवी को 1448 वोट मिले। किशोरनगर ग्राम पंचायत के रूप में 2014-15 में पहली बार 2015 में चनणाराम बेनिवाल सरपंच बने मगर वो जीएसएस में होने के कारण दो लाभकारी पदो के चलते त्याग पत्र दे दिया। छह माह बाद उपचुनावो में चनणाराम का भाई पदमाराम सरपंच बने तथा इस बार महिला सीट आने पर जनता ने फिर से इसी परिवार में उनकी माता रूपोदेवी को रिकॉर्ड 1098 मतों से जिताया।
Updated on:
30 Jan 2020 10:07 pm
Published on:
30 Jan 2020 10:07 pm
