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MILLET: 20 माह बाद भी यहां नहीं खुला देश का पहला BAJRA रिसर्च सेंटर, जानें कहां खुलना है यह सेंटर

-घोषणा के 20 माह बाद भी धरातल पर नहीं राष्ट्रीय स्तर का बाजरा रिसर्च सेन्टर- बाड़मेर में खुलना है देश का पहला बाजरा रिसर्च सेंटर, 20 माह बाद भी नहीं खुला - वर्तमान में जोधपुर में अखिल भारतीय समन्वित बाजरा अनुसंधान परियोजना यूनिट, जिसके अधीन देशभर के 13 केन्द्र- देश में सर्वाधिक उत्पादन राजस्थान में  

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जोधपुर

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Amit Dave

Jul 07, 2022

MILLET:  20 माह बाद भी यहां नहीं खुला देश का पहला  BAJRA  रिसर्च सेंटर, जानें कहां खुलना है यह सेंटर

MILLET: 20 माह बाद भी यहां नहीं खुला देश का पहला BAJRA रिसर्च सेंटर, जानें कहां खुलना है यह सेंटर

जोधपुर।

राजस्थान की प्रमुख फसल बाजरा के अनुसंधान के लिए राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की सौगात मिली थी, लेकिन करीब 20 माह बाद भी यह संस्थान धरातल पर नहीं उतरा है। इससे प्रदेश के किसानों को बाजरा उत्पादन में फायदा नहीं मिल रहा है। क्षेत्रफल व उत्पादन की दृष्टि से देश में पहला स्थान होने के बावजूद राजस्थान में राष्ट्रीय स्तर का अनुसंधान संस्थान नहीं होने पर पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर जिले में रिसर्च सेंटर खोलने की घोषणा की गई थी। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की ओर से वर्तमान में जोधपुर में केवल अखिल भारतीय समन्वित बाजरा अनुसंधान परियोजना (पीसी यूनिट) है, जिसके अधीन देशभर में 13 केन्द्र कार्य कर रहे है। देशभर में बाजरा पर हो रहे अनुसंधान, नई किस्मों का निर्धारण आदि जोधपुर से हो रहा है।
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संस्थान खुलने से कुटीर उद्योग पनपेंगे
यह अनुसंधान संस्थान प्रदेश को बाजरे के बीज और उत्पादन को लेकर स्वावलंबी बनाने का बड़ा कदम होगा। बाजरा मारवाड़ का प्रमुख खाद्य है। प्रदेश में बाजरा अनुसंधान संस्थान खोलने से बाजरे की जैव विविधता उच्च गुणवत्तायुक्त वाजिब दाम, प्रमाणित बीज, मूल्य संवर्धन आधारित बाजरा बीज व जैविक प्रमाणीकरण संस्थान, बीजों के व्यापार संबंधित उद्योग व कृषि आधारित कुटीर उद्योग का विकास होगा। बाजरे का अलग से अनुसंधान संस्थान बनने से न केवल राजस्थान बल्कि बाजरा उत्पादक हरियाणा, उत्तर प्रदेश व मध्यप्रदेश के किसानों को भी फायदा होगा। साथ ही, किसान नकली बीज विक्रेताओं के चंगुल से भी बच जाएंगे।
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100 एकड़ जमीन चिन्हित
रिसर्च सेंटर के लिए बाड़मेर के गुड़ामालानी में 100 एकड़ जमीन भी चिन्हित भी हो चुकी है। इसके लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आइसीएआर) ने इसके लिए 100 एकड़ जमीन मांगी थी। इसकी विस्तृत रिपोर्ट राज्य सरकार को भेजी जा चुकी है।
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42 प्रतिशत उत्पादन राजस्थान में

देश में कुल 9.8 मिलियन हैक्टेयर क्षेत्रफल में बाजरा बोया जाता है। जिसका उत्पादन करीब 9.4 मिलियन टन है। इसमें अकेले राजस्थान में 3.75 मिलियन टन उत्पादन होता है, जो देश का करीब 42 प्रतिशत हिस्सा है। राजस्थान में करीब 4.15 मिलियन हैक्टेयर में बाजरा बोया जाता है, जो पूरे देश का करीब 56 प्रतिशत क्षेत्रफल में है।

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बाजरा सेंटर के लिए रिपोर्ट व प्रस्ताव भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) को प्रस्तुत कर दी गई है। अब आईसीएआर ही इस बारे में अंतिम निर्णय लेगी।

डॉ सी वी रत्नावती, डायरेक्टर
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मिलेट रिसर्च, हैदराबाद