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अपनी जमीन पर ‘थाने का बोर्ड’ देख चौंक गए लोग, विरोध होने पर जेडीए ने यूं निकालना चाहा रास्ता

बनाड़ थाने को आवंटित जमीन के सीमांकन में गड़बड़ी के आरोप

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अविनाश केवलिया/जोधपुर. शहर के बनाड़ रोड पर अपने खाते की जमीन पर पुलिस थाने का बोर्ड और तारबंदी देख कई लोग चौंक गए। जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने इस जमीन को अतिक्रमण मान वहां तारबंदी कर दी और कब्जा पुलिस प्रशासन को सौंप दिया। कुछ समय बाद खातेदार मौके पर पहुंचे तो उन्हें इस मामले की जानकारी हुई। जेडीए में इस मामले को लेकर गुहार लगाई तो सेटलमेंट का रास्ता दिखाया जा रहा है। बनाड़ रोड पर खसरा नम्बर 56 में 5 बीघा भूमि बनाड़ थाना को आवंटित की गई थी। लेकिन जेडीए अधिकारियों ने इस खसरे के अलावा खसरा नम्बर 53 और अन्य खसरे की जमीन भी शामिल कर दिया। थाने की जमीन में शामिल खसरा नम्बर 53 में 15 से अधिक लोगों के भूखण्ड प्रभावित हो रहे हैं। इनमें कई पूर्व सैनिक हैं। इन्हें जानकारी हुई तो जेडीए में आपत्ति दर्ज करवाई। लेकिन हालात यह है कि थाने के लिए आवंटित जमीन पर कुछ ही समय में काम शुरू हो सकता है।

जेडीए ने कहा नोटिस दिया, प्रार्थियों को नहीं मिला

जेडीए अधिकारियों का कहना है कि बनाड़ थाने की जमीन का कब्जा सौंपने से पहले मौके से निर्माण हटाने के लिए नोटिस जारी किए थे। लेकिन प्रार्थियों को यह नोटिस नहीं मिले।

जिस खसरे की जमीन आवंटित वहां नदी और बिजली लाइनें


थाने के लिए खसरा नम्बर 56 में जमीन आवंटित की गई है। यह गैर मुमकिन नदी किस्म की है और हाइटेंशन लाइन गुजर रही है। इसलिए संभवत: कब्जा सौंपते वक्त पास के खसरे से जमीन शामिल कर ली गई।

पीडि़तों का दावा

पीडि़त पूर्व सैनिक हरकरणराम इस मामले को जेडीए अधिकारियों के समक्ष उठा रहे हैं। उन्होंने नक्शा और दस्तावेज पेश किए। इनमें खसरा नम्बर 53 की करीब डेढ़ बीघा भूमि निजी खातेदारों की है, उसका कब्जा थाने के लिए दिया है।

इनका कहना...


‘बनाड़ थाने की जमीन के मामले में लोगों की शिकायत आई थी। उस जमीन का पुन: सीमांकन करना है। हमने पत्र लिख कर मामला सेटलमेंट में भेज दिया है।

- श्रवणसिंह राजावत, उपायुक्त पूर्व, जोधपुर विकास प्राधिकरण