12 मई 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

करोड़ों खर्च करके भी नहीं सुधरे बनाड़ रोड के हाल, बारिश में निकलना हो तो रहे सावधान

- मानसून पहले की बरसात में तलैया बनी सड़कें

2 min read
Google source verification
Jodhpur,jodhpur news,Jodhpur Hindi news,jodhpur latest news,drainage system,banar road,Jodhpur Drainage System,

करोड़ों खर्च करके भी नहीं सुधरे बनाड़ रोड के हाल, बारिश में निकलना हो तो रहे सावधान

- एनएचएआई ने भी बनाड़ रोड पर तकनीक को किया नजरंदाज

जोधपुर. मानसून पूर्व की पहली बारिश ने जल भराव क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के मन में खतरे की घंटी बजा दी है। शहर में सड़कों की मरम्मत और डामरीकरण कर ऊंची करने का काम तो किया गया। लेकिन तकनीक में भूल यह की गई कि आस-पास के क्षेत्रों के पानी निकासी की व्यवस्था का ध्यान नहीं रखा। इसका एक उदाहरण रविवार को हुई बरसात के बाद जोधपुर-जयपुर नेशनल हाइवे पर बनाड़ रोड पर देखने को मिला। जहां बारिश के 24 घंटे बाद भी सड़क किनारे पानी भराव कम नहीं हुआ।

यहां होती है परेशानी

- आईटीआई सर्किल से न्यू पावर हाउस रोड व आस-पास क्षेत्र।
- हाईकोर्ट कॉलोनी, सिविल लाइन क्षेत्र में पुलिस कमिश्नरेट व संभागीय आयुक्त-जिला कलक्टर आवास के आस-पास।

- डीआरएम कार्यालय के सामने की सड़क।
- रेलवे स्टेडियम के सामने सड़क।

- सर्किट हाउस से ताराचंद सर्किल तक।
- हाईकोर्ट, कलक्ट्रेट, राइकाबाग बस स्टैण्ड व रेलवे स्टेशन के सामने मुख्य सड़क।

- डिगाड़ी मार्ग और सैनिक पुरी क्षेत्र।

यह है राहत की बात
सड़कों पर पानी भरने की शिकायत और आस-पास के क्षेत्र में पानी को रास्ता नहीं मिलने की मुख्य समस्या से राहत ड्रेनेज मास्टर प्लान ही दिला सकता है। एक माह पहले ही यह मास्टर प्लान नगर निगम को हस्तांतरित हुआ है। ऐसे में इस बार इसकी पालना मुमकिन नहीं है। ऐसे में इस बार भी शहरवासियों को हर साल की तरह परेशानी झेलनी होगी।

कर लिया अपना जाप्ता

बनाड़ क्षेत्र में शहर के दो बड़े नालों से आने वाला बरसाती पानी जमा होता है। यह नाले जोजरी नदी तक जाने थे, लेकिन वर्षों से अधूरे हैं और दो दशक से क्षेत्रवासी व राहगीर जल भराव की समस्या से त्रस्त हैं। सम्बंधित विभाग और एजेंसियां बरसाती पानी का उपचार किए बिना ही सड़क की ऊंचाई बढ़ाते जा रहे हैं।

जेडीए ने भी बढ़ाई सड़क की ऊंचाई
जेडीए ने सारण नगर ओवरब्रिज के दोनों तरफ सीसी सड़क बना दी। इस कारण पहले बनी डामर सड़क का लेवल करीब एक फुट बढ़ गया। यही वजह है कि ओवरब्रिज के दोनों तरफ जमा बरसाती पानी पानी जमा हो गया और आस-पास के घरों में घुस रहा है।

हाईवे से टकरा रहा आरटीओ और माता का थान नाले का पानी

आरटीओ और माता का थान की ओर से आने वाले दो बड़े नाले हाईवे के पास आकर रुक जाते हैं। इन दोनों नालों का पानी क्षेत्र में फैला रहता है। कृषि मंडी से भदवासिया होता हुआ गुलजार नगर, विद्यानगर, आरटीओ के पीछे से शिकार बेरा होते हुए गणेश मार्केट, बनाड़ रोड व इससे आगे आर्मी क्षेत्र में डिगाड़ी नाडी तक इस नाले का प्राकृतिक बहाव है। सात वर्ष पहले सेना प्रशासन ने नाले के बहाव मार्ग को अवरुद्ध कर दिया था। माता का थान नाला भी भदवासिया की ओर से आकर यहां कैंट के करीब हाईवे के पास खाली भूखंड में आकर रुक जाता है।

ऐसे मिल सकती है राहत

गणेश मार्केट रेलवे लाइन कलवर्ट से डिगाडी नाडी तक की दूरी 700 मीटर है। नगर निगम ने सेना से उनकी दीवार के साथ-साथ 4 मीटर जमीन की मांग की। इसके अलावा सात बीघा जमीन कटान के बदले भी मांगी। इसके लिए स्वीकृति मिलने पर ही गणेश मार्केट से डिगाड़ी नाडी तक नाला बनाकर माता का थान नाले को जोजरी नदी से मिलाया जाए तो क्षेत्र में जलभराव की समस्या दूर हो सकती है।