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भंवरी देवी का एम्स में देहदान

जोगियों का बास सिवांची गेट निवासी 78 वर्षीय भंवरी देवी का बुधवार शाम को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में देहदान किया गया।

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Bhanvri Devis Body Donated at AIIMS

जोगियों का बास सिवांची गेट निवासी 78 वर्षीय भंवरी देवी का बुधवार शाम को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में देहदान किया गया।

बासनी (जोधपुर). जोगियों का बास सिवांची गेट निवासी 78 वर्षीय भंवरी देवी का बुधवार शाम को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में देहदान किया गया। राजू चौधरी ने बताया कि उनकी माता का बुधवार को निधन हो गया। उन्होंने तीन साल पहले ही मृत्युपरांत देहदान की इच्छा जाहिर की थी। चौधरी ने कहा कि मां के देहांत के बाद उन्होंने बहन ललिता, तारा, उषा व पिता भंवर लाल चौधरी ने देहदान सलाहकार मनोज मेहता के सहयोग से देहदान की प्रक्रिया को समझा। शाम को छात्रों के अध्ययन व शोध कार्य के लिए देह एम्सजोधपुर को समर्पित की। एम्स के शरीर रचना विभाग के सहायक आचार्य डॉ. आशीष नय्यर ने देहदान प्रमाण प्रत्र जारी करते हुए बताया कि एम्स जोधपुर में यह 14 वां देहदान है।

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बासनी (जोधपुर). जोगियों का बास सिवांची गेट निवासी 78 वर्षीय भंवरी देवी का बुधवार शाम को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में देहदान किया गया। राजू चौधरी ने बताया कि उनकी माता का बुधवार को निधन हो गया। उन्होंने तीन साल पहले ही मृत्युपरांत देहदान की इच्छा जाहिर की थी। चौधरी ने कहा कि मां के देहांत के बाद उन्होंने बहन ललिता, तारा, उषा व पिता भंवर लाल चौधरी ने देहदान सलाहकार मनोज मेहता के सहयोग से देहदान की प्रक्रिया को समझा। शाम को छात्रों के अध्ययन व शोध कार्य के लिए देह एम्स जोधपुर को समर्पित की। एम्स के शरीर रचना विभाग के सहायक आचार्य डॉ. आशीष नय्यर ने देहदान प्रमाण प्रत्र जारी करते हुए बताया कि एम्स जोधपुर में यह 14 वां देहदान है।

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बासनी (जोधपुर). जोगियों का बास सिवांची गेट निवासी 78 वर्षीय भंवरी देवी का बुधवार शाम को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में देहदान किया गया। राजू चौधरी ने बताया कि उनकी माता का बुधवार को निधन हो गया। उन्होंने तीन साल पहले ही मृत्युपरांत देहदान की इच्छा जाहिर की थी। चौधरी ने कहा कि मां के देहांत के बाद उन्होंने बहन ललिता, तारा, उषा व पिता भंवर लाल चौधरी ने देहदान सलाहकार मनोज मेहता के सहयोग से देहदान की प्रक्रिया को समझा। शाम को छात्रों के अध्ययन व शोध कार्य के लिए देह एम्स जोधपुर को समर्पित की। एम्स के शरीर रचना विभाग के सहायक आचार्य डॉ. आशीष नय्यर ने देहदान प्रमाण प्रत्र जारी करते हुए बताया कि एम्स जोधपुर में यह 14 वां देहदान है।

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