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VIDEO : भंवरी की अस्थियांं बहाई थी नहर में, जमानत पर छूटकर बनाई थी गैंग

- एक लाख रुपए का इनामी विशनाराम का अस्पताल में चल रहा है उपचार- अब तक 68 एफआइआर दर्ज, दस मामलों में था वांछित

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भंवरी की अस्थियांं बहाई थी नहर में, जमानत पर छूटकर बनाई थी गैंग

भंवरी की अस्थियांं बहाई थी नहर में, जमानत पर छूटकर बनाई थी गैंग

जोधपुर।
एक लाख रुपए का इनामी हार्डकोर व हिस्ट्रीशीटर विशनाराम जांगू बहुचर्चित भंवरीदेवी प्रकरण में मुख्य आरोपी है। सितम्बर 2011 में अपहरण के बाद कार में भंवरीदेवी की हत्या कर दी गई थी। विशनाराम व गैंग ने जालोड़ा में शव लेकर जला दिया था और फिर अस्थियांं नहर में बहा दी थी। सीबीआइ ने विशनाराम व गैंग को गिरफ्तार किया था। कुछ साल पहले ही वह जमानत पर जेल से बाहर आते ही उसने फिर से अपनी गैंग बना ली थी। उसके खिलाफ 68 मामले दर्ज हैं और दस मामलों वह वांछित था।
पुलिस महानिरीक्षक (रेंज) जोधपुर जयनारायण शेर ने बताया कि लोहावट थानान्तर्गत जालोड़ा में सुण्डानगर निवासी विशनाराम उर्फ विशना जांगू पुत्र मोहनराम बिश्नोई को हिरासत में लिया गया है। दोनों पांव में चोट के चलते वह अस्पताल में भर्ती है। उसके साथ बाड़मेर में गुड़ामालानी निवासी गोपीकृष्ण बिश्नोई को गिरफ्तार किया गया है।
भंवरीदेवी मामले में जमानत मिलने के बाद उसने फिर से गैंग बनाकर सक्रिय हो गया था। वह डोडा पोस्त व हथियार तस्करी, पुलिस पर फायरिंग व राजकार्य में बाधा डालने का मुख्य आरोप है। उसकी गैंग फलोदी, देचू, लोहावट, बाप, भोजासर, चाखू और शेरगढ़ में सक्रिय है।
नाबालिगों से करवाता था रैकी व तस्करी
पुलिस का कहना है कि विशनाराम ने गैंग में मासूम बच्चों को भी शामिल कर रखा था। जिनसे वो रैकी करवाने के साथ ही तस्करी भी करवाता था। भंवरीदेवी मामले में पकड़े जाने के बाद उसने पेशी के दौरान कोर्ट परिसर में फायरिंग भी करवाई थी। कैलाश जाखड़ फरार हो गया था। जबकि वह भाग नहीं पाया था।
पुलिस गाड़ी को दो बार टक्कर मारी, फिर खुद की एसयूवी पलटी
एसपी (जोधपुर ग्रामीण) धर्मेन्द्रसिंह ने बताया कि विशनाराम के दयाकोर व पीलवा में होने की सूचना पर शनिवार को घेराबंदी की गई थी। पुलिस को देख एसयूवी सवार विशनाराम ने धोरों से भागने की कोशिश की थी। लोहावट थानाधिकारी बद्रीपसा्रद ने रोकने का प्रयास किया तो विशनाराम ने पुलिस गाड़ी को टक्कर मार दी थी। पुलिस ने दुबारा उसे घेरा तो फिर से टक्कर मार दी थी। फिर एसयूवी पलट गई थी। वह किसी तरह बाहर निकला और एसयूवी के बोनट पर चढ़कर भागने लगा था। वह तारबंदी में उलझकर पत्थर की पट्टियों से टकराकर गिर गया था। जिससे उसके दोनों पांव चोटिल हो गए थे।
अब गैंग के कई इनामी को पकड़ने का लक्ष्य
एसपी (फलोदी) विनीत बंसल का कहना है कि विशनाराम गैंग से जुड़े मोरिया मूंझासर निवासी अनिल मांजू पुत्र पांचाराम बिश्नोई, मूलत: नोखड़ा भाटियान हाल बीजेएस कॉलोनी में विष्णुनगर निवासी मांगीलाल पुत्र भागीरथराम बिश्नोई, सुण्डानगर निवासी ओमप्रकाश पुत्र मोहनराम बिश्नोई व सोहनलाल पुत्र मोहनराम बिश्नोई फरार हैं। इन पर 25-25 हजार रुपए का इनाम है। वहीं, हंसादेश निवासी शंकर उर्फ रमेश कुमार पुत्र भाखरराम उर्फ भागीरथ बिश्नोई व लोहावट में भजन नगर निवासी मुकेश मदाणी पुत्र भगवानाराम बिश्नोई पर दस-दस हजार रुपए का इनाम घोषित है। अब इन सभी को पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।