
ANM Bhanwaridevi
जोधपुर . एएनएम भंवरीदेवी अपहरण व हत्या के आरोपियों को कोर्ट में पेश नहीं किया जा सका। जिला न्यायालय परिसर में काले हिरण शिकार मामले की अपील की सुनवाई के दौरान बॉलीवुड अभिनेता सलमान की उपस्थिति के मद्देनजर पुलिस ने कड़ी और भारी सुरक्षा व्यवस्था की थी। इसी के चलते पुलिस जाब्ते की कमी रही। सोमवार को भंवरीदेवी मामले मे अभियुक्तों को न्यायालय में पेश नहीं किया गया। अनुसूचित जाति -जनजाति की पीठासीन अधिकारी अनिमा दाधीच के समक्ष आरोपी महिपाल मदेरणा, शहाबुद्दीन औैर बलदेव की ओर से अधिवक्ता जगमालसिंह चौधरी ने सीबीआई के तत्कालीन एसपी राकेश राठी से जिरह पूरी कर ली। मंगलवार को इस मामले में अन्य अभियुक्तों की ओर से राठी से जिरह की जाएगी। जिरह के दौरान सीबीआई के अधिवक्ता एससी शर्मा व बचाव पक्ष के संजय विश्नोई उपस्थित रहे।
जिरह जारी रखी थी
उल्लेखनीय है कि अनुसूचित जाति जनजाति के विशिष्ट न्यायालय में शुक्रवार को बचाव पक्ष ने भंवरीदेवी अपहरण और हत्याकाण्ड मामले में मुख्य अनुसंधान अधिकारी सीबीआइ के तत्कालीन एसपी राकेश राठी जिरह जारी रखी थी। तब न्यायालय में नई पीठासीन अधिकारी अनिमा दाधीच ने सुनवाई शुरू की थी। अब तक मधुसूदन शर्मा सुनवाई कर रहे थे। उनका हाल ही जयपुर तबादला हो गया था। महिपाल मदेरणा, शहाबुद्दीन और बलदेव की ओर से अधिवक्ता जगमालसिंह चौधरी ने गवाह से दो घंटे तक लगातार जिरह की थी। पुलिस ने इस मामले के 12 आरोपियों को न्यायालय में पेश किया था। मुख्य आरोपी महिपाल मदेरणा को व्हील चेयर पर बैठा कर कोर्ट में पेश किया था।
गुमशुदगी दर्ज की गई थी
गौरतलब है कि एएनएम भंवरीदेवी की एक सितंबर 2011 को गुमशुदगी दर्ज हुई थी और 5 सितंबर को अपहरण का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। तत्कालीन आईजी उमेश मिश्रा की निगरानी में भंवरीदेवी की तलाश शुरू हुई थी। कामयाबी नहीं मिलने पर 11 अक्टूबर को सीबीआई में एफआइआर दर्ज की गई थी। सीबीआई एसपी राकेश राठी के नेतृत्व में टीम ने अनुसंधान किया था। करीब पांच हजार पन्नों की अनुसंधान रिपोर्ट पर बचाव पक्ष के अधिवक्ता गत 22 फरवरी से राठी से जिरह कर रहे थे। जिरह शनिवार को भी जारी रही थी।
Published on:
07 May 2018 06:09 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
