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Rajasthan News : चलती ट्रेन में यात्री को आया ‘हार्ट अटैक’, फिर पहुंचे ‘देवदूत’ और हो गया ‘चमत्कार’

राजस्थान में मानवता और मुस्तैदी की एक ऐसी मिसाल पेश की गई है, जिसने न केवल एक परिवार की खुशियां बचाईं, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि सही समय पर मिली मदद किसी के लिए 'संजीवनी' बन सकती है।

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राजस्थान में जोधपुर जिले के पीपाड़ रोड रेलवे स्टेशन पर मंगलवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। जोधपुर-सरायरोहिल्ला एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 22481) में सफर कर रहे एक यात्री को अचानक दिल का दौरा पड़ा, जिससे पूरी ट्रेन में चीख-पुकार मच गई। ऐसे नाजुक समय में राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) के जवानों ने अपनी सूझबूझ और ट्रेनिंग का परिचय देते हुए यात्री को तुरंत सीपीआर (CPR) दिया और उसकी जान बचा ली।

सफर के बीच 'कोच S-2' में अफरा-तफरी

जानकारी के अनुसार, यात्री अशोक आर्य ट्रेन संख्या 22481 के कोच एस-2 की सीट संख्या 44 पर यात्रा कर रहे थे। ट्रेन जब पीपाड़ रोड स्टेशन के पास थी, तभी अशोक आर्य की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और उन्हें सीने में तेज दर्द के साथ हार्ट अटैक आया। यात्री को बेसुध होते देख कोच में मौजूद अन्य यात्रियों में हड़कंप मच गया और तुरंत इसकी सूचना रेलवे पुलिस को दी गई।

जीआरपी की मुस्तैदी, संभाली कमान

सूचना मिलते ही पीपाड़ रोड जीआरपी चौकी प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक रामदयाल बिना एक पल गंवाए अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उनके साथ कांस्टेबल संग्राम सिंह और मुकेश खोजा भी थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए टीम ने तत्काल प्राथमिक चिकित्सा शुरू करने का निर्णय लिया।

'संजीवनी' बना सीपीआर, मौत के मुंह से खींच लाए जवान

जवानों ने तत्परता दिखाते हुए अशोक आर्य को फर्श पर लिटाया और उन्हें सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) देना शुरू किया। जवानों द्वारा लगातार चेस्ट कंप्रेशन देने से यात्री की रुकी हुई सांसें वापस लौट आईं और उनकी हालत में सुधार दिखने लगा।

  • डॉक्टरी सहायता: जैसे ही ट्रेन पीपाड़ रोड स्टेशन पर रुकी, तुरंत एक निजी डॉक्टर को बुलाया गया।
  • प्राथमिक उपचार: डॉक्टर ने मौके पर पहुंचकर यात्री का चेकअप किया और आवश्यक दवाइयां देकर उन्हें स्थिर किया।

मेड़ता रोड में होगा आगे का इलाज

अशोक आर्य के परिजनों ने बताया कि वे उन्हें मेड़ता रोड स्टेशन पर उतारकर आगे के इलाज के लिए ले जाएंगे। डॉक्टर द्वारा यात्री की स्थिति को सामान्य और यात्रा के अनुकूल बताने के बाद ही ट्रेन को उसके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। जीआरपी की इस त्वरित और सतर्क कार्रवाई की यात्रियों और परिजनों ने जमकर सराहना की।

क्यों जरूरी है सीपीआर की ट्रेनिंग?

पीपाड़ रोड की यह घटना यह संदेश देती है कि आपातकालीन स्थिति में प्राथमिक चिकित्सा का ज्ञान कितना महत्वपूर्ण है। राजस्थान पुलिस और जीआरपी के जवानों को समय-समय पर दी जाने वाली फर्स्ट एड ट्रेनिंग आज एक कीमती जान बचाने में सफल रही।