
नकली दवा से ‘कोरोना’ भगाने का कारनामा, कोरोना संक्रमण खत्म करने की दवा में निकला कोरा पाउडर
अभिषेक बिस्सा/जोधपुर. नकली दवा कारोबारी कोरोनाकाल में भी बाज नहीं आए। इस दौरान कोरोना संक्रमण का खात्मा करने में सहायक माने जाने वाली फेविपीरावीर सॉल्ट की अमान्य दवा बेच दी गई। गुजरात में इस साल्ट की फेविमेक्स टेबलेट अमान्य पाई गई। इसमें फेविपीरावीर सॉल्ट शून्य पाए जाने पर सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन ने सभी राज्यों को जून के दूसरे सप्ताह में अलर्ट किया। राज्य में औषधि नियंत्रण विभाग पिछले सप्ताह हरकत में आया तब तक जयपुर, अजमेर, उदयपुर और जोधपुर समेत प्रदेश के कई इलाकों में इस ब्रांड की लाखों रुपए की दवा बिक चुकी थी।
चौंकाने वाली बात है कि दवा पर निर्माता के रूप में हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के अंजी गांव की जिस मैक्स रिलीफ हेल्थकेयर कम्पनी का नाम है, वह अस्तित्व में ही नहीं है। दवा की मार्केटिंग कोलकाता की फर्म कोवालेंट हेल्थकेयर के जरिए हुई।
अकेले जोधपुर में बिकी ८७४० गोलियां
जोधपुर में ये दवा उदयपुर की शिवम डिस्ट्रीब्यूटर्स से एक होलसेलर ने मंगवा कर कई रिटेलर्स को बेची। इसके अलावा जोधपुर के एक रिटेलर ने उदयपुर की फर्म से माल सीधा खरीद कर बेच डाला। इन केमिस्ट के यहां ड्रग कंट्रोलर टीमें पहुंची तब तक तो सारी दवाएं बिक चुकी थी। जांच में सामने आया कि जोधपुर में जालोरी गेट स्थित होलसेलर व रिटेलर ने उदयपुर से मंगवाई गई ८७४० गोलियां बेची।
खरीद-फरोख्त की पड़ताल
औषधि नियंत्रण अधिकारियों के अनुसार दोनों दवा व्यापारियों के यहां मंगवाए गए माल की जांच जारी है। इन फर्मों के बिलों व अन्य खरीद की पड़ताल की जा रही है। इसके अलावा रातानाडा स्थित एक रिटेलर के माल खरीदने की शिकायत भी सामने आई थी, लेकिन उसके पास माल नहीं पहुंचा है।
ये बैच पाए गए अमानक
अप्रेल व मई में बनी फेविमेक्स की ४०० व २०० एमजी के चार बैच की दवाओं को अमानक घोषित किया गया है। जोधपुर में फेविमेक्स ४०० एमजी टेबलेट का टीपी-०४२१९०३ बैच बिका था। इसके अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों में टीपी-०४२१९०१, टीपी-०४२१९०७ और टीपी-०५२१९१० बैच पहुंचा।
एक दिन में १८ और ९-९ गोलियां
कोरोना संक्रमण खत्म करने में फेविपीरावीर को उपयोगी माना गया था। चिकित्सकों ने भी ये दवा खूब लिखी। चिकित्सकों के परामर्श अनुसार संक्रमित मरीज को २०० एमजी दवा की दिनभर में १८ गोलियां या ४०० एमजी की नौ गोलियां एक दिन में लेनी होती है। इसके बाद ८-८ सौ एमजी दवा सुबह-शाम लगातार ४ या ६ दिन तक संक्रमितों को दी जाती है।
इनका कहना हैं...
राजस्थान में जहां दवा सप्लाई हुई, वहां जयपुर-अजमेर मिलाकर सभी जगह कार्रवाई हुई हैं। केंद्रीय संगठन की सूचना के बाद हमने प्रदेश में कई जगह जांच करवाई है।
- राजाराम, औषधि नियंत्रक, जयपुर
Published on:
30 Jun 2021 12:58 pm
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