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जोधपुर के लाल सागर में हुए सिलसिलेवार धमाके, पुलिस के भी फूले हाथ-पांव

पहाड़ को काटकर समतल मैदान बनाने के लिए ठेकेदार ने 106 गड्ढों में तीन सौ किलो से अधिक बारूद भर दिया था।

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जोधपुर. लालसागर में पिछले आठ-नौ दिन से मण्डरा रहा खतरा दूर हो गया है। एक विद्यालय परिसर में पहाड़ को तोड़कर समतल मैदान बनाने के लिए सौ से अधिक गड्ढे खोदकर गाड़े गए तीन सौ किलो से अधिक विस्फोटक में विशेषज्ञ और पेट्रोलियम एण्ड एक्सप्लोसिव सेफ्टी संगठन पेसो की टीम ने गुरुवार को अलग-अलग स्तर पर नियंत्रित तरीके से विस्फोट किए। हालांकि पुलिस की ओर से पूरी तरह से चाक चौबंद व्यवस्था व नियंत्रित विस्फोट के बावजूद पहाड़ से निकले पत्थर दूर तक घरों में गिरे। क्षेत्रवासी दिनभर दहशत में रहे, लेकिन शाम को ऑपरेशन सुरक्षित तरीके से पूरा होने पर सभी ने राहत की सांस ली।

मण्डोर थानाधिकारी मुक्ता पारीक ने बताया कि लालसागर स्थित हनवंत आदर्श विद्या मंदिर परिसर में पहाड़ को काटकर समतल मैदान बनाने के लिए ठेकेदार ने 106 गड्ढों में तीन सौ किलो से अधिक बारूद भर दिया था। गत सप्ताह चार-पांच धमाके होने पर क्षेत्रवासियों ने पुलिस की मदद से विस्फोट रुकवा दिए थे। विद्यालय व छात्रावास परिसर में तीन सौ किलो विस्फोटक जमीन में गड़े होने का पता लगने पर पुलिस के हाथ-पांव फूल गए थे।

विस्फोटक को निष्क्रिय करने के लिए पुलिस बेड़े में शामिल बीडीएस व सेना के बम निरोधी विशेषज्ञ बुलाए गए, लेकिन सभी ने हाथ खड़े कर दिए थे। तब पुलिस ने जयपुर स्थित पेसो व जोधपुर में बारूद से विस्फोट करने के लाइसेंस धारक सोहन चाण्डक व जगदीश जोशी की मदद ली। इन विशेषज्ञों की टीम ने गुरुवार सुबह से शाम तक अलग-अलग स्तर पर विस्फोट किए। शाम को सभी गड्ढों में भरा बारूद सुरक्षित फटने पर सभी ने राहत की सांस ली।

दहशत में रहे मोहल्लेवासी, जताया विरोध


तीन सौ किलो से अधिक विस्फोटक पर टिके क्षेत्र पर एकबारगी खतरा मण्डराने लगा था। पुलिस प्रशासन के भी हाथ-पांव फूल गए थे। जांच के बाद गड्ढों में दबे विस्फोटक को बाहर निकालना संभव नहीं था। सिर्फ विस्फोट से ही इनसे बचा जा सकता था। ऐसे में पुलिस की व्यवस्थाओं व विस्फोट की तैयारियों से मोहल्लेवासी दहशत में आ गए। विस्फोट से दूर तक कई घरों में पत्थर जाकर गिरे। पूर्व पार्षद जगदीश पंवार के नेतृत्व में मोहल्लेवासियों ने विरोध भी जताया। घंटों तक कमरे में बंद रहने से एक महिला आहत हो गई। वह इतनी घबरा गई कि उसके आंसू निकल आए।

मुनादी करवा सभी को घरों में रखा, यातायात भी रहा बंद


विस्फोट से पहले पुलिस ने लाउड स्पीकर से मुनादी करवाकर लालसागर स्थित विद्यालय के आस-पास के क्षेत्रवासियों को घरों से बाहर न निकलने की अपील की। साथ ही यातायात को भी अन्य मार्गों पर डाइवर्ट कर दिया गया। विद्यालय भी कई दिन से बंद है। छात्रावास को भी खाली करवा दिया गया था। पुलिस उपायुक्त पूर्व डॉ अमनदीप सिंह कपूर ने व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। एडीएम सीमा कविया व महापौर भी मौके पर मौजूद रहे। एम्बुलेंस व दमकलें हटाई ऐहतियात के तौर पर पुलिस ने दो-तीन दिन से अतिरिक्त जाब्त के साथ ही एम्बुलेंस और दमकल मौके पर तैनात कर रखी थी। सभी बारूद फोडऩे के बाद इन सभी को हटा लिया गया।







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