जोधपुर. दसवीं की बोर्ड परीक्षा में फेल होने पर एक किशोर ने पंचोलिया नाडी स्थित मकान के कमरे में मां के ओढऩे से फंदा लगा कर जान दे दी। वह अपनी मां का इकलौता पुत्र था। प्रतापनगर थाना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। एएसआई मूलसिंह के अनुसार पंचोलिया नाडी निवासी चिरंजीव (16) पुत्र श्यामलाल वाल्मीकि ने मां के ओढऩे से फंदा लगा आत्महत्या की है। मर्ग दर्ज करने के बाद शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजन को सौंपा गया है। परिजन का कहना है कि मृतक चिरंजीव दसवीं की बोर्ड परीक्षा में फेल हो गया था। आशंका है कि उसने इसी के चलते जान दी। श्यामलाल का इकलौता पुत्र चिरंजीव मंगलवार रात 10.30 बजे खाना खाने के बाद सोने के लिए कमरे में चला गया था। कमरे में पालतू श्वान भी साथ था। बुधवार सुबह पिता उठे तो कमरे से श्वान के भौंकने की आवाज सुनाई दी। उन्होंने पुत्र को आवाज लगाई, लेकिन अंदर से जवाब नहीं आया। दरवाजा अंदर से बंद था। पिता ने रसोई की खिड़की से देखा तो पुत्र फंदे से लटका हुआ था। वे खिड़की तोड़कर कमरे में पहुंचे। चिल्लाने पर अन्य परिजन व आसपास के लोग भी वहां पहुंचे। फंदा काटकर चिरंजीव को नीचे उतारा गया और परिजन उसे ले कर महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस भी अस्पताल पहुंची और मर्ग दर्ज कर जांच शुरू की। मृतक की मां लवेरा बावड़ी स्थित सरकारी विद्यालय में शिक्षिका है।