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क्राइम फाइल : जोधपुर में पलटी कार, गुलाबसागर में मिला शव, नवजात की मौत की घटनाओं ने दहलाया

इस दौरान चोटिल युवकों को शास्त्रीनगर के चेतक वाहन से मथुरादास माथुर अस्पताल पहुंचाया गया।
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जोधपुर

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Chen Raj

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Updated: 7 Feb 2018, 9:49 AM IST

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कार पलटी, दो चोटिल


बासनी/जोधपुर. पाली रोड पर मंगलवार रात को न्यू कै म्पस के पास एक कार पलटने से उसमें सवार दो जने चोटिल हो गए। चोटिल युवकों में मोंटू मेवाड़ा और सिद्धांत शामिल है। वाहन चालक ने बताया कि आगे चल रही एक मोटरसाइकिल को बचाने के चक्कर में कार का संतुलन बिगड़ गया और गाड़ी पलट गई। घटना के बाद चल रहे राहगीरों व वाहन चालकों ने कार सीधी की। मौके पर पहुंची पुलिस ने वाहन साइड में खड़ा कर यातायात व्यवस्था दुरुस्त की। इस दौरान चोटिल युवकों को शास्त्रीनगर के चेतक वाहन से मथुरादास माथुर अस्पताल पहुंचाया गया।

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गुलाबसागर में किन्नर का शव मिला


सदर कोतवाली थाना क्षेत्र के गुलाबसागर में मंगलवार सुबह एक किन्नर का शव मिला। शव की शिनाख्त नहीं हो पाई है। पुलिस ने शव महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। पुलिस के अनुसार गुलाबसागर में सुबह आर्यवीर मरुधर व्यायामशाला की तरफ शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। मौके पर किन्नर का शव पड़ा था। उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई। शव की शिनाख्त के लिए किन्नर प्रतिनिधियों से सम्पर्क किया गया। पुलिस प्रकरण की जांच कर रही है।

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लापरवाही ने लील लिए लक्ष्मी के प्राण

आखिरकार एम्बुलेंस ठेका कंपनी जीवीके ईएमआरआई की लापरवाही ने नवजात को लील ही लिया। नवजात बच्ची को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाना उसकी जान के लिए भारी पड़ गया। मंगलवार को उसने इलाज के दौरान उम्मेद अस्पताल में दम तोड़ दिया। जबकि मामले की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों ने तो रविवार को महिला का प्रसव होने के तुरंत बाद ही बच्ची को जोधपुर के लिए रैफर कर दिया था, लेकिन ठेका कंपनी जीवीके ईएमआरआई की लापरवाही ने उसे जोधपुर के उम्मेद अस्पताल पहुंचाने में चार घंटे का समय ले लिया। डेढ़ घंटा तो एंबुलेंस के इंतजार में और ढाई घंटे बदहाल एंबुलेंसों ने ले लिया। इस दौरान दो एंबुलेंस बदलना पड़ी, उसमें भी नर्सिंग स्टाफ मौजूद नहीं था। दरअसल, बाप सीएचसी में बीते रविवार को दो बजे अस्पताल में प्रसव होने के बाद सिर में गांठ के चलते नवजात बच्ची को जोधपुर के उम्मेद अस्पताल के लिए रेफर किया गया था, जिसे अस्पताल पहुंचाने में एंबुलेंस संचालकों ने समय बर्बाद कर दिया। देरी से पहुंचने के कारण बच्ची ने महत्वपूर्ण चार घंटे बर्बाद कर दिए। इसके चलते बच्ची की मौत हो गई।

दो दिन बाद होनी थी सर्जरी

बच्ची को गंभीर हालत में जोधपुर के उम्मेद अस्पताल इसलिए रैफर किया गया, ताकि समय पर बच्ची का इलाज हो जाए और बच्ची बच जाए। दो दिन बाद ही बच्ची के सिर में गांठ की सर्जरी होनी थी।