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नशे में टक्कर मार भागे युवकों को पकड़ थाने लाया, शिकायत दर्ज कराई, पुलिस ने छोड़ा

- वीर दुर्गादास राठौड़ ओवर ब्रिज पर हुआ था हादसा - शास्त्रीनगर थाने का मामला

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car owner picked accused driver to police station

नशे में टक्कर मार भागे युवकों को पकड़ थाने लाया, शिकायत दर्ज कराई, पुलिस ने छोड़ा

जोधपुर.
नशे में धुत्त कार चालक ने आगे चल रही कार को टक्कर मारी और अपनी कार भगा ले गया। टक्कर के बाद आगे चल रही कार चला रहे जिम संचालक ने टक्कर मारने वाली कार का पीछा किया और इंजीनियरिंग कॉलेज के यहां टक्कर मारने वाली कार पकड़ ली। नशे में धुत्त चालक व तीन युवकों ने गाली-गलौच की। लेकिन जिम संचालक टक्कर मारने वाली कार के चालक को फुसलाकर थाने ले आया। थोडी़ देर में उसका साथी भी थाने आ गया। जिम संचालक ने टक्कर मारने वाली कार चालक को पुलिस को सौंपने के बाद लिखित शिकायत दी और पत्नी व बच्चों को घर छोड़ने चला गया। पीछे से टक्कर मारने वाले कार चालक और उसका साथी करीब डेढ़ घंटे तक हेड कांस्टेबल के सामने गिड़गिड़ाते रहे। उन्होंने नशे में टक्कर मारना भी स्वीकार लिया। लेकिन जिम संचालक दो घंटे बाद वह थाने लौटा तो यह देख दंग रह गया कि न तो उसकी शिकायत पर एफआइआर दर्ज हुई और न ही टक्कर मारने वाला कार चालक और उसका साथी थाने में था। अब पुलिस दुर्घटना करने वाले चालक व उसके साथियों की तलाश के लिए हाथ-पांव मार रही है।

यह मामला शास्त्रीनगर पुलिस थाने का है। चौहाबो में भट्टी की बावड़ी के पास सेक्टर १७ई निवासी जिम संचालक राज गहलोत पुत्र सोहनलाल पत्नी व बच्चों के साथ सोमवार दोपहर ढाई बजे वीर दुर्गादास राठौड़ ओवरब्रिज से निगम कार्यालय की तरफ उतर रहा था। तभी पीछे से तेज रफ्तार टैक्सी पासिंग कार ने गहलोत की कार को पीछे से टक्कर मार दी। और कार भगा ले गया। टक्कर से कार क्षतिग्रस्त होने के बाद भी जिम संचालक ने पीछा किया और इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में टक्कर मारने वाली कार रोक ली। राज गहलोत का आरोप है कि टक्कर मारने वाली कार का चालक व उसमें सवार तीन युवक नशे में थे और उन्होंने पत्नी के सामने गाली-गलौच शुरू कर दी।
बाद में वह अपनी कार की शोरूम में मरम्मत करवाने के बहाने चालक को शास्त्रीनगर थाने ले आया और हेड कांस्टेबल प्रहलादराम को सुपुर्द कर दिया साथ ही मुंशी के कहने पर लिखित शिकायत भी दर्ज करा दी।

दो घंटे बाद लौटा तो मुंशी बोला, दोनों भाग गए
गहलोत पत्नी व बच्चों को छोडऩे घर चला गया। दो घंटे बाद, शाम साढ़े पांच बजे वापस थाने लौटा तो न चालक नजर आया और न ही उसका साथी। इस बारे में उसने मुंशी से पूछा तो कोई जवाब नहीं मिला। गहलोत ने थानाधिकारी को मामले की जानकारी दी। थानाधिकारी ने मुंशी से पूछा तो उसने कहा कि दोनों थाने से भाग गए। इस पर थानाधिकारी ने स्टाफ को फटकार लगाई और युवकों की तलाश में जीप रवाना की, लेकिन घरवालों ने उनके उदयपुर चले जाने की जानकारी दी। मामले के तीस घंटे बाद भी पुलिस थाने से निकले दोनों की तलाश कर रही है।

शिकायत दर्ज कर ली, एंडोर्समेंट रोका
गहलोत की लिखित शिकायत पर पुलिस ने दुर्घटना कारित करने व गाली-गलौच करने का मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। उस पर आइपीसी की धारा २७९ व ५०९ भी डाल दी, लेकिन उसका एंडोर्समेंट रोक लिया। थानाधिकारी ने भी उस पर साइन नहीं किए। पुलिस ने पीडि़त से दूसरी शिकायत ली। जिसमें आरोपी को थाने में सुपुर्द करने व उनके गायब होने का उल्लेख हटवा दिया गया।

थानाधिकारी रमेशकुमार शर्मा का कहना है कि दुर्घटना की एफआइआर दर्ज नहीं हुई लेकिन दो जनों की तलाश की जा रही है। साथ ही यह भी कहा कि उन्हें एेसे किसी मामले की जानकारी नहीं है।