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काली कमाई वाले कस्टम अधिकारी के खजाने ने चौंकाया, फिर यूं झोंकी सीबीआई की आंखों में धूल

पांच साल की नौकरी में सत्तर लाख से अधिक रुपए कमाने का मामला  

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जोधपुर .
कस्टम व सेंट्रल एक्साइज विभाग में पांच साल की ड्यूटी में सत्तर लाख से अधिक रुपए की काली कमाई करने वाला निरीक्षक (प्रिवेंटिव अधिकारी) शनिवार को मुम्बई में आवास से गायब हो गया। मुम्बई स्थित ऑफिस और आवास में दबिश के बाद सीबीआई ने उसे पूछताछ और अग्रिम जांच के लिए सुबह पेश होने के निर्देश दिए थे, लेकिन वो आवास पर नहीं मिला। उधर, पाली जिले के सोजत सिटी में सिंघारियों का बास स्थित पैतृक मकान की तलाशी में चार सौ ग्राम सोना और पांच किलो चांदी बरामद की गई है।

सीबीआई के अनुसार पाली जिले की सोजत सिटी में सिंघारियों का बास निवासी परमानंद सिंघारिया मुम्बई में कस्टम व सेन्ट्रल एक्साइज विभाग में निरीक्षक है। उसके खिलाफ आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने की एफआईआर दर्ज की गई थी। उसके बाद शुक्रवार को सीबीआई की जोधपुर टीम ने सोजत सिटी में पैतृक मकान और मुम्बई में ऑफिस व आवास पर एक साथ दबिशें दी थीं। देर रात तक चली कार्रवाई में पैतृक आवास से चार सौ ग्राम सोना व पांच किलो चांदी के जेवर बरामद किए गए। वहीं, आरोपी से प्रारम्भिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि वह एक फ्लैट खरीदने वाला था, लेकिन उसके कोई दस्तावेज सीबीआई को नहीं मिले हैं। परमानंद की वर्ष २०१२ में कस्टम में बतौर प्रिवेंटिव ऑफिसर (निरीक्षक) नौकरी लगी थी। उसने वर्ष २०१३ से कमाई शुरू कर दी थी।


पेश होने के बजाय नदारद

सीबीआई ने मुम्बई स्थित ऑफिस व आवास में शुक्रवार को दबिश दी थी। रात तक चली कार्रवाई के बाद परमानंद को शनिवार सुबह पूछताछ के लिए उपस्थित होने के लिए पाबंद कर के छोड़ दिया गया था, लेकिन कस्टम निरीक्षक परमानंद आवास से गायब हो गया। उसके उपस्थित न होने पर सीबीआई आवास पर पहुंची तो वह नहीं मिला। न ही उससे कोई सम्पर्क हो पाया।


एक करोड़ रुपए से अधिक पहुंची कमाई

सोजत सिटी स्थित एसबीआई बैंक में गत अक्टूबर से अप्रेल तक करीब तेईस लाख रुपए ट्रांसफर होने पर सीबीआई को संदेह हुआ था। जांच करने पर कस्टम निरीक्षक की भूमिका सामने आई थी। तब उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। साथ ही सोजत सिटी व मुम्बई में शुक्रवार को छापे मारे गए थे। इधर 17 लाख रुपए व 15 लाख रुपए की एफडीआर बरामद हुई। जबकि मुम्बई से 150 अमरीकी डॉलर (एक लाख रुपए) व बैंक खातों में 15 लाख रुपए बैलेंस मिला था।