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जोधपुर

बंक मारना मेडिकल छात्रों को यूं पड़ा भारी, छात्रों का विरोध भी नहीं आया काम

कॉलेज प्रशासन ने दिखाई सख्ती

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परीक्षा हॉल में बैठे 45 मेडिकल छात्रों को उठाया
छात्रों का आरोप जानबूझकर किया वंचित

 

जोधपुर. डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस के 45 छात्र 75 प्रतिशत से कम हाजिरी के चलते फाइनल इयर की परीक्षा में बैठने से वंचित रह गए। इसके बाद छात्रों ने इसका विरोध किया। लेकिन फिर भी कॉलेज प्रशासन ने नियमों का हवाला देकर सभी को परीक्षा कक्ष से बाहर निकाल दिया। दरअसल, बुधवार को मेडिकल कॉलेज में परीक्षा के दौरान 75 प्रतिशत से कम हाजिरी का कारण बताकर 45 छात्रों को परीक्षा से वंचित कर दिया। छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर जानबूझकर परीक्षा से वंचित करने का आरोप लगाया। इसके बाद वे प्राचार्य से मिलने उनके कक्ष में चले गए। छात्रों का कहना था कि उनको तीन महीने का नोटिस देना चाहिए था। जो कॉलेज प्रशासन ने उनको नहीं दिया। इसके बाद कॉलेज प्रशासन चाहता तो अतिरिक्त कक्षाएं लगवाकर हाजिरी पूरी करवा सकता था। वंचित छात्रों ने कहा कि कार्रवाई ऐसे छात्रों पर भी हुई है, जिनकी हाजिरी 78 प्रतिशत थी। उधर, कॉलेज प्रशासन का कहना है कि सभी छात्रों को पहले से नोटिस दिया जा चुका था। 7 मई को हाजिरी भेजी थी। सभी छात्रों को हाजिरी कम होने की जानकारी पहले से ही थी। लेकिन वे फिर भी नहीं चेते। एमसीआई के नॉम्र्स बताते हुए कॉलेज प्रशासन ने इस कार्रवाई को एकदम सही ठहराया।

 

नियमानुसार हुई कार्रवाई
कार्रवाई नियमानुसार हुई है। छात्रों की हाजिरी काफी कम थी। फिर भी मैंने अपने स्तर पर पांच प्रतिशत ग्रेस दिया। फिर भी हाजिरी पूरी नहीं हो पाई।

डॉ. एसएस राठौड़, प्राचार्य व नियंत्रक