
जोजरी नदी पर भूमाफियाओं ने काट दी कॉलोनियां, लोग को अब सता रहा बेघर होने का डर
तोषी शर्मा/बनाड़. पर्यावरण संरक्षण को लेकर राज्य सरकारों को जारी कोर्ट आदेशों की किस तरह सरकारी अफसर और भूमाफिया मिलकर किस तरह धज्जियां उड़ा रहे है। इसका अंदाजा जोजरी नदी पर भूमाफियाओं द्वारा कब्जें और प्लाटिंग से लगा सकते है। नदी के बहाव क्षेत्र को ओट कर लोगों ने घर बना लिए तो भूमाफियाओं ने प्लाटिंग कर भूखंड बेच दिए। लेकिन जिम्मेदार यह सब चुपचाप देखते रहे। जिसका नतीजा यह हुआ कि मौजूदा समय में नदी के क्षेत्र में कॉलोनियां बस गई। लोगों ने कॉलेज, स्कूल और फार्म हाउस तक इसी क्षेत्र में बना दिए। प्रशासन आंख मूंद के देखता रहा है। कुछ बरस पहले बारिश के दौरान यहां बने घरों में पानी भर गया था। लेकिन गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। अब लोगों को जब पता चला कि वह नदी पर बसे हुए है तो उन्हें सरकार और नदी में बारिश के समय अधिक आवक होने से बेघर होने का डर सता रहा है।
कृषि भूमि बताकर बेच दिए थे नदी में भूखंड
बनाड़- खोखरिया क्षेत्र में नदी को ओट कर भूमाफियाओं ने कृषि भूमि बताकर लोगों को भूखंड बेच दिए। सूत्रों का कहना है कि कई लोग जिन्होंने नदी के क्षेत्र में भूमाफियाओं से भूखंड खरीदे थे। उन्हें नदी का पता चलने के बाद अब पछताने के साथ वहां पर चक्कर काट रहे है। भूमाफियाओं नदी क्षेत्र में एक ही भूखंड को एक से अधिक बार बेच डाले। प्रशासन और जिम्मेदारों की लापरवाही कहें या मिलीभगत के कारण गरीब लोगों का पैसा भी गया और भूखंड भी नहीं मिले। लोगों ने मिट्टी डाल बना दिया रास्ता जेडीए ने जोजरी नदी के बहाव क्षेत्र को गत वर्ष गहरा करवाया था। खोखरिया के महादेव नगर में लोगों ने मिलकर नदी को पाट कर उसमें रास्ता बना दिया। रास्तें के नीचे दो छोटे पाइप डाल कर ऊपर मिट्टी डाल दी। अगर भविष्य में कभी बारिश के दौरान नदी में पानी की आवक अधिक होती है। ऐसे में यहां बसे लोगों को जान माल का नुकसान होने का खतरा बना हुआ है।
लोग बोले 4 साल पहले कम कीमत के लालच में फंसे
खोखरीया, नांदड़ी व बनाड़ क्षेत्र में जोजरी नदी के पर भूमाफियाओं से भूखंड लेने के शिकार अधिकतर गरीब व मध्यम वर्ग के परिवार ही हुए है। यहां बसे लोगों का कहना है कि जब से पता चला है कि उनके घर नदी के डूब क्षेत्र में है। जब से उन्हें सरकार द्वारा कब्जा छुड़ाने और दूसरा नदी में पानी की अधिक आवक से डूबने का खतरे का डर सता रहा है। लोगों का कहना है कि जब उन्होंने प्लाट लिए थे तब नदी को पूरी तरह से ओट कर सपाट खेत बना रखा था। इसके कारण लोगों ने भूखंड खरीद लिए थे। एक व्यक्ति ने बताया कि उसने गांव में खेत बेच कर यहां पर तीन साल पहले 4 लाख रुपए में भूखंड लिया था। एक साल पहले पता चला कि उसका भूखंड नदी के मुहाने पर है। अब उसके सामने यह मुसीबत है कि गांव में जमीन भी बिक गई और सरकार ना जाने कब यहां से खाली करवा दें।
नदी को बना दिया नाला
खोखरीया, नांदड़ी व बनाड़ क्षेत्र में जोजरी नदी पर भूमाफियाओं ने कब्जा कर उसे नदी से नाला बना दिया है। इस क्षेत्र में नदी की चौड़ाई करीब 100 फीट की ही रह गई है। उसे भी जेडीए ने पिछले साल समतल बनाई नदी को खोद कर नाला बनाया था। जिसकी चौड़ाई नदी के बजाय नाला जितनी ही रह गई है। सवाल यह है कि जब ही भूमाफियां नदी को समतल बना भूखंड बेच रहे थे उस समय प्रशासन ने ध्यान क्यों नहीं दिया। अगर समय रहते ध्यान देते तो गरीब ठगी से बच जाते और नदी की जमीन अतिक्रमण से बच जाती। प्रशासनिक अधिकारी का वर्जन लेना है।
Published on:
23 Apr 2018 02:35 pm
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