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आसाराम मामला : पीडि़त पुत्री की बातों ने खोली थी अंधभक्ति की आंखें

- नाबालिग छात्रा से यौन दुष्कर्म का मामला

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Asaram in jodhpur

Asaram in jodhpur

विकास चौधरी/जोधपुर. छिंदवाड़ा (मध्यप्रदेश) स्थित गुरुकुल में 12वीं में पढऩे वाली छात्रा से भूत-प्रेत भगाने के नाम पर जोधपुर के मणाई आश्रम में यौन दुष्कर्म के आरोप आसाराम को सजा मिलेगी या राहत, इसका फैसला 25 अप्रेल को अदालत सुनाएगी। लेकिन आसाराम के प्रति माता-पिता की अंधभक्ति की पोल पीडि़त छात्रा ने अगस्त 2013 में खोल दी थी। मणाई में आश्रम के कमरे में 15 अगस्त 2013 की रात आसाराम की हरकतों के बारे में बताया तो उसके माता-पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई थी। वे पुत्री को लेकर तुरंत नई दिल्ली पहुंचे, जहां आसाराम के प्रवचन कार्यक्रम का चल रहा था। वहां आसाराम के खिलाफ दिल्ली के पुलिस स्टेशन में बिना नम्बर की एफआईआर दर्ज कराई थी। एफआईआर जोधपुर भेजे जाने पर महिला थाना (पश्चिम) में 21 अगस्त को आसाराम उर्फ आसुमल समेत शिव , शरद, शिल्पी व प्रकाश के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

अडिग रहे पीडि़ता व माता-पिता

पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार शाहजहांपुर (उत्तरप्रदेश) की रहने वाली छात्रा के पिता ट्रांसपोर्ट व्यवसायी हैं। माता-पिता वर्षों से आसाराम के भक्त थे। उन्होंने पुत्री को पढऩे के लिए आसाराम के छिंदवाड़ा स्थित गुरुकुल में भर्ती करवाया था। गुरुकुल की वार्डन शिल्पी ने शिवा से बात कर तबीयत खराब होने पर भूत-प्रेत का साया होने व इलाज कराने के लिए छात्रा को आसाराम के पास भेज दिया था। आरोप है कि जोधपुर के मणाई आश्रम में 15 अगस्त 2013 की रात आरोपी आसाराम ने छात्रा को कमरे में बुला छेड़छाड़ और दुष्कर्म किया।

पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार वह एक-डेढ़ घंटे तक कमरे में रही। फिर उसे धमकाकर बाहर भेज दिया गया। आसाराम ने छात्रा को अहमदाबाद स्थित आश्रम बुलाया था, लेकिन वह माता-पिता के साथ घर चली गई थी। वहां उसने माता-पिता को आपबीती बताई। एफआईआर दर्ज कराने के बाद पीडि़ता व परिजन को कई बार धमकियां भी मिली। अदालत में सुनवाई व बयान के दौरान तीनों रातानाडा में एक होटल में ठहरे थे, जहां आसाराम के समर्थक पहुंच गए। इसके बावजूद उन्होंने कोर्ट में बयान दिए थे।

सजा दिलाने को व्यवसाय तक छोड़ा


पीडि़ता के पिता अपने ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से वार्षिक आमदनी का बड़ा हिस्सा आसाराम ट्रस्ट को देते थे। पुत्री के साथ हुई घटना के बाद पिता ने आरोपी को सजा दिलाने का निश्चय कर लिया। पहले जांच और फिर कोर्ट में सुनवाई के लिए बार-बार जोधपुर आने-जाने की वजह से व्यवसाय गड़बड़ा गया था। फिर भी सजा दिलाने पर अडिग रहे।

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