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Rajasthan Crime: जोधपुर जिले के इस गांव में 8 माह बाद मौत का सीन रिक्रिएट, समान कद-वजन का पुतला कुएं में गिराया, जानिए पूरा मामला

Jodhpur Crime: 18 मई को एफआइआर दर्ज कराई गई थी। जिसमें दो युवकों पर संदेह जताया गया था। पुलिस ने गांव व कुएं की सघन तलाशी ली थी, लेकिन अशोक नहीं मिला था। 19 मई को कुएं में दुबारा तलाश करने पर अशोक का शव मिला था।

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नाबालिग छात्र की मौत का सीन रिक्रिएट कराने के लिए पुतले का कुएं में गिराते ग्रामीण व मौजूद पुलिस व एफएसएल। Photo- Patrika

जोधपुर। करवड़ थानान्तर्गत गंगाणी गांव के एक कुएं (बेरी) में नाबालिग छात्र का संदिग्ध हालात में मिले शव की गुत्थी अब तक नहीं सुलझी है। आइपीएस अधिकारी सहायक पुलिस आयुक्त (पूर्व) प्रतीक सिंह की मौजूदगी में आठ माह बाद घटनास्थल पर मौत का कारण जानने के लिए सीन रिक्रिएट कराया गया।

आइपीएस अधिकारी प्रतीकसिंह का कहना है कि अभी मामले की जांच की जा रही है। मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। ऐसे में एफएसएल के साथ मिलकर सीन रिक्रिएट कराया गया।

आरोप: एक दिन-रात घर में रख हत्या कर फेंका शव

गंगाणी गांव निवासी पूनाराम जाट का कहना है कि गंगाणी निवासी भांजा अशोक गत वर्ष 16 मई को घर से निकला था। सुरपुरा के तीन युवक उसे लेकर गए थे। शाम तक वह नहीं लौटा तो तलाश की। तीनों युवक भी घर नहीं आए थे। वे तीनों 17 मई की शाम घर आए थे, लेकिन अशोक के बारे में उन्होंने कुछ नहीं बताया था।

18 मई को एफआइआर दर्ज कराई गई थी। जिसमें दो युवकों पर संदेह जताया गया था। पुलिस ने गांव व कुएं की सघन तलाशी ली थी, लेकिन अशोक नहीं मिला था। 19 मई को कुएं में दुबारा तलाश करने पर अशोक का शव मिला था।

उसके मुंह से खून निकल रहा था। दोनों हाथ सीने पर थे। पांव आपस में उलझे और घुटनों से मुड़े हुए थे। मामा का आरोप है कि आरोपियों ने उसे एक दिन व रात अपने घर में रखा था और फिर हत्या कर शव कुएं में फेंक दिया होगा। मृतक 12वीं का छात्र था।

पूछताछ कर संदिग्धों को छोड़ा था

शव मिलने पर ग्रामीणों ने धरना देकर विरोध जताया था। हत्या की धारा जोड़ने व संदिग्धों को हिरासत में लेने के आश्वासन पर शव का पोस्टमार्टम कराया गया था। पूछताछ के बाद संदिग्धों को छोड़ दिया गया था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शव पर आईं चोटों व मौत का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया था। मृतक के परिजन की मांग पर डीजीपी ने जांच आइपीएस व एसीपी प्रतीकसिंह को सौंपी।

तब सीन रिक्रिएट करने का निर्णय किया गया। मृतक के समान कद व वजन का पुतला बनाकर घटनास्थल लाया गया। एफएसएल की मौजूदगी में पुतले को कुएं में गिराया गया।

उससे यह जानने का प्रयास किया गया कि आठ माह पहले शव मिलने के दौरान क्या-क्या समानताएं व क्या दूसरे कारण रहे? रिक्रिएशन के दौरान एफएसल ने साक्ष्य जुटाए। जांच रिपोर्ट आने पर ही मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा।