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agitation: ठेकाकर्मी हड़ताल पर उतरे, तीनों बड़े अस्पतालों में गड़बड़ाई व्यवस्था

. नए संविदा सेवा नियमों के दायरे में लाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत ठेकाकर्मी गुरुवार को भी दो घंटे हड़ताल पर रहे। चिकित्सा शिक्षा विभाग की अनदेखी से आहत आंदोलनरत ठेकाकर्मियों ने पूर्ण कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है।

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agitation: ठेकाकर्मी हड़ताल पर उतरे, तीनों बड़े अस्पतालों में गड़बड़ाई व्यवस्था

agitation: ठेकाकर्मी हड़ताल पर उतरे, तीनों बड़े अस्पतालों में गड़बड़ाई व्यवस्था

ओपीडी बाधित, जांच में इंतजार बढ़ा...सफाई व्यवस्था चरमराई

जोधपुर. नए संविदा सेवा नियमों के दायरे में लाने सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत ठेकाकर्मी गुरुवार को भी दो घंटे हड़ताल पर रहे। चिकित्सा शिक्षा विभाग की अनदेखी से आहत आंदोलनरत ठेकाकर्मियों ने पूर्ण कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है। ठेकाकर्मियों के आंदोलन से डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज, महात्मा गांधी अस्पताल, मथुरादास माथुर अस्पताल तथा उम्मेद जनाना अस्पताल सहित जिला एवं सैटेलाइट अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्था गड़बड़ा गई है। ओपीडी सेवा बाधित हो रही है और जांच रिपोर्ट के लिए इंतजार बढ़ गया है। सफाई व्यवस्था चरमरा जाने से मरीज और उनके परिजन के साथ अब मेडिकल स्टाफ भी परेशान होने लगा है।मेडिकल कॉलेज गेट पर प्रदर्शन

डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध अस्पतालों के ठेकाकर्मियों ने गुरुवार को मेडिकल कॉलेज गेट पर विरोध प्रदर्शन किया। शनिवार को ठेकाकर्मी मेडिकल कॉलेज से जेएनवीयू के पास शहीद स्मारक तक कैंडल मार्च निकालकर अपनी मांगों के प्रति शासन-प्रशासन का ध्यानाकर्षण करेंगे। ठेकाकर्मी 24 सितंबर को ठेकाकर्मियों की दुर्दशा काे सामने लाने के लिए नुक्कड़ नाटक "ठेका रसोई" का मंचन करेंगे।

आज अनिश्चितकालीन धरना

डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध अस्पतालों के ठेकाककर्मी अपनी मांगों के समर्थन में शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे। 25 सितंबर तक रोजाना दो घंटे कार्य बहिष्कार जारी रखने की घोषणा की गई है। साथ ही मुख्यमंत्री के जोधपुर आगमन पर ज्ञापन देने और न्याय की गुहार की रणनीति बनाई गई है।

ठेकाकर्मियों की अनदेखी

आंदोलनरत ठेकाकर्मियों की आवाज को अनसुना किया जा रहा है, जो उचित नहीं है। बजट घोषणा की अनुपालना में सेवारत ठेकाकर्मियों को राहत दी जानी चाहिए। चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय वार्ता में भी कई मांगों पर सहमति बनी,लेकिन सहमति के अनुरूप राहत का कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। ठेकाकर्मी अपनी पूरी क्षमता और ईमानदारी से सेवा दे रहे हैं, लेकिन प्रतिफल में भेदभाव से आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

- तेजपाल, प्रदेशाध्यक्ष, अखिल राजस्थान चिकित्सा विभाग निविदा/ठेका कर्मचारी महासंघ