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जोधपुर के इस मेडिकल कॉलेज में 55 साल बाद बदला इतिहास

डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में 55 साल बाद फिर से शुरू हुई दीक्षांत समारोह की परंपरा - इससे पहले 1963 में हुआ था दीक्षांत समारोह

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जोधपुर .

डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार का दिन खास रहा। करीब 55 साल बाद फिर से दीक्षांत समारोह की परम्परा शुरू हुई। इससे पहले आखिरी बार 1963 में दीक्षांत समारोह हुआ था। इस अवसर पर डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य व नियंत्रक डॉ. अजय मालवीय ने कहा कि डॉक्टरी का पेशा दुनिया के बेहतरीन प्रोफेशन में से एक है।

कोई भी व्यक्ति केवल चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के प्रति रुचि के कारण चिकित्सक नहीं बनता, बल्कि मानव जीवन के प्रति सम्मान व लोगों की सेवा करने की इच्छा ही उसे प्रेरित करती है। उन्होंने कॉलेज सभागार में आयोजित दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कहा कि राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हैल्थ साइंस के निर्देश पर इंस्टीट्यूशनल कन्वोकेशन की शुरुआत की है।

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इसमें 120 पोस्ट व अंडर ग्रेजुएट्स ने डिग्रियां प्राप्त की। डिग्री प्राप्त करने वाला बैच 2010 का था, जबकि पोस्ट ग्रेजुएट बैच 2011 का था। 55 साल पहले यह दीक्षांत समारोह होना बंद हो गया था। इसके बाद यह पहला दीक्षांत समारोह है। इस अवसर पर अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. आनंदराज कल्ला, अधीक्षक डॉ. पीसी व्यास, डॉ. रंजना देसाई, डॉ. एसएस राठौड़, डॉ. अनुराग सिंह, डॉ. विनोद जैन, डॉ. प्रदीप शर्मा, डॉ. प्रदीप गौड़, डॉ. मनोज लाखोटिया, डॉ. किशोर रायचंदानी, डॉ. सुषमा कटारिया, डॉ. भारती सोलंकी, डॉ. गोपाल पुरोहित, डॉ. अरविंद चौहान, डॉ. प्रभुप्रकाश गुप्ता, डॉ. अरुण वैश्य, डॉ. विकास राजपुरोहित व डॉ. रजनीश गालवा सहित कई चिकित्सक शिक्षक मौजूद रहे। अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. रीटा मीणा ने धन्यवाद ज्ञापित किया।


डिग्रियां पाकर खिले चेहरे दीक्षांत समारोह में 2011बैच के पास आउट पीजी स्टूडेंट््स व 2010 बैच के एमबीबीएस स्टूडेंट्स को डिग्रियां प्रदान की गई। कार्यक्रम का ड्रेस कोड स्टूडेंट्स के लिए सफेद कुर्ता व चूड़ीदार पायजामा और चिकित्सक शिक्षकों के लिए सफेद जोधपुरी सूट था।

डिग्री के बहाने चार साल बाद मिला साथियों से यहां से मेडिकल की पढ़ाई पूरी करने के बाद मैं जयपुर चला गया। वहां निजी अस्पताल में सेवाएं दे रहा हूं। चार साल पहले जिन साथियों से अलग हुआ था उनसे दीक्षांत समारोह में मिलकर अच्छा लगा। मेडिकल कॉलेज में एेसे आयोजन लगातार होने चाहिए।

डॉ. संदीप शर्मा, आइओ प्रभारी

यहीं पढ़ाई पूरी कर बने सहायक आचार्य यह मेरे लिए गर्व की बात है कि मैंने 2011 के बैच में इसी कॉलेज से पीजी की। अब इसी कॉलेज में सहायक आचार्य पद पर सर्जरी विभाग में कार्यरत हूं।

डॉ. दिनेशदत्त शर्मा, सहायक आचार्य, डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज